
रांची : रांची और लोहरदगा के बीच ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय रेल द्वारा कोयल नदी पर बने रेलवे पुल की मरम्मत का काम अंतिम चरण में है। ऐसे में करीब ढाई महीने से प्रभावित रांची–लोहरदगा रेलखंड पर मार्च माह के अंत तक ट्रेनों का परिचालन फिर से सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बताया जाता है कि लोहरदगा और ईरगांव रेलवे स्टेशन के बीच स्थित कोयल नदी रेलवे पुल के पिलरों में दरार आने के कारण रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन लोहरदगा और टोरी के बीच रोक दिया था। इसके बाद कई ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त दूरी और समय का सामना करना पड़ रहा है।
मरम्मत कार्य के दौरान पुल के पिलर संख्या चार और छह के बीच पहले जहां 12 मीटर का गार्डर था, वहां अब 24 मीटर का स्टील गार्डर लगाया गया है। इसके साथ ही पिलर संख्या पांच को हटा दिया गया है, ताकि पुल पर पड़ने वाले भार को बेहतर तरीके से संभाला जा सके। रेलवे के अनुसार स्टील गार्डर हल्का होने के कारण संरचना पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। बाद में पिलर को स्थायी रूप से फिर से तैयार किया जाएगा।
फिलहाल 20 मार्च तक ट्रेनों के रूट को डायवर्ट किया गया है। इन ट्रेनों को टोरी–लोहरदगा–रांची मार्ग के बजाय टोरी–बरकाकाना–मेसरा–टाटीसिलवे होते हुए रांची तक चलाया जा रहा है। इस कारण यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है और यात्रा समय भी बढ़ गया है।
इस रेलखंड के बंद रहने से कई प्रमुख ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया गया है। इनमें मुख्य रूप से नई दिल्ली–रांची राजधानी एक्सप्रेस, रांची–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, चोपन–रांची एक्सप्रेस, सासाराम–रांची एक्सप्र्रेस तथा अजमेर–सांतरागाछी एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों को निर्धारित मार्ग के स्थान पर बरकाकाना और अन्य स्टेशनों से होकर चलाया जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पुल की मरम्मत पूरी होते ही इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन पहले की तरह शुरू कर दिया जाएगा। इससे यात्रियों को फिर से सीधे रांची–लोहरदगा मार्ग से सफर करने की सुविधा मिल सकेगी और ट्रेनों को लंबा घुमावदार रास्ता नहीं लेना पड़ेगा।

