रांची: झारखंड में आम जनता को सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा ‘आंतरिक मूल्यांकनकर्ता-सह-सेवा प्रदाता प्रशिक्षण 2026’ का आयोजन किया गया है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के अंतर्गत आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन के लिए तैयार करना और चिकित्सा कर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना है।

इस प्रशिक्षण में राज्य के सभी जिलों से चिकित्सा पदाधिकारी-सह-प्रभारी, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक, जिला डेटा प्रबंधक, महामारी विशेषज्ञ और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी शामिल हो रहे हैं। NHM झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा के निर्देशों के अनुसार, सभी जिलों को दिसंबर 2026 तक शत-प्रतिशत NQAS प्रमाणन हासिल करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए जिला स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं में मौजूद कमियों को चिन्हित कर त्वरित सुधारात्मक कदम उठाने और प्रमाणन प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्वास्थ्य केंद्रों के व्यवस्थित आंतरिक मूल्यांकन, रोगी सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, रिकॉर्ड संधारण और गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदायगी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। इस कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक एवं राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. प्रभात कुमार, डॉ. रंजीत प्रसाद, राज्य परामर्शी अतिन्द्र उपाध्याय, डॉ. सुशांत, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक अनीमा किस्कू, वित्त परामर्शी महर्षि रमन और सिस्टम एनालिस्ट अविनिंद्र कुमार जैसे वरिष्ठ अधिकारियों व प्रशिक्षकों की प्रमुख भूमिका रही।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप झारखंड का यह प्रयास राज्य के स्वास्थ्य ढांचे में व्यापक सुधार लाने और स्वस्थ झारखंड के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम है।


