मेस की सफाई और भोजन की गुणवत्ता पर जोर
निरीक्षण के दौरान मेस के रसोईघर और भोजन कक्ष में साफ-सफाई बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। निदेशक ने मेस कर्मचारियों के लिए यूनिफॉर्म अनिवार्य करने, नालियों की नियमित सफाई कराने और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, परिसर में कीट नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
मेस के आसपास जमा कचरे को हटाने, घास की कटाई कराने और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। विद्यार्थियों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए रास्तों को भी दुरुस्त करने पर जोर दिया गया।
मेस के क्षतिग्रस्त फर्श की होगी मरम्मत
निरीक्षण के दौरान मेस के फर्श की खराब स्थिति सामने आई। निदेशक ने तत्काल अस्थायी मरम्मत कराने का निर्देश दिया। वहीं, फर्श की स्थायी मरम्मत और नवीनीकरण का काम भवन निर्माण विभाग के माध्यम से कराया जाएगा।
विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेस भवन के विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य अधिक विद्यार्थियों के लिए एक साथ बैठकर भोजन करने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
नर्सिंग और पैरामेडिकल हॉस्टल के काम होंगे पूरे
नवीनीकृत पैरामेडिकल और नर्सिंग छात्रावास को विद्यार्थियों को सौंपने से पहले परिसर की साफ-सफाई और बाकी जरूरी कार्य पूरे करने का निर्देश दिया गया।
कॉलेज ऑफ नर्सिंग में चल रहे मरम्मत और नवीनीकरण कार्यों को भी निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (PHED) और विद्युत विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य डॉ. शालिनी एस., डीन स्टूडेंट वेलफेयर, उप-प्राचार्य सुधादेवी एम., हॉस्टल इंचार्ज ममता टोप्पो और ज्योति कुमारी, भवन निर्माण विभाग के अभियंता कृष्ण मुरारी तथा मेस संचालक राजीव रंजन प्रसाद मौजूद रहे।
रिम्स निदेशक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सभी जरूरी सुधार जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। संस्थान में साफ-सफाई, सुरक्षित आवास, गुणवत्तापूर्ण भोजन और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि नर्सिंग और पैरामेडिकल विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय माहौल मिल सके।


