
Petrol Diesel Crisis: राजधानी रांची समेत आसपास के इलाकों में पेट्रोल-डीजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। तेल कंपनियों द्वारा आपूर्ति सामान्य होने का दावा किए जाने के बावजूद कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में राशनिंग भी शुरू कर दी गई है।
कई पेट्रोल पंपों पर खत्म हुआ तेल
बूटी मोड़ स्थित न्यू गुमला ट्रेडर्स और हाजी चौक के सौम्या फ्यूल्स में बुधवार को पेट्रोल और डीजल पूरी तरह खत्म हो गया। हालांकि शाम तक न्यू गुमला ट्रेडर्स में आपूर्ति बहाल कर दी गई। वहीं रिंग रोड, सीठियो स्थित जगरानी फ्यूल्स में डीजल की कमी देखी गई। गोंदलीपोखर के कई पंपों में भी ईंधन संकट बना रहा।
टाटीसिलवे, सिल्ली और मुरी में बढ़ी भीड़
जोन्हा और गोंदलीपोखर क्षेत्र में तेल की कमी के बाद टाटीसिलवे के पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई। लोग घंटों लाइन में लगकर पेट्रोल-डीजल भराने को मजबूर दिखे। उधर, सिल्ली और मुरी में कमी की खबर फैलते ही लोगों ने पैनिक बाइंग शुरू कर दी, जिससे पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
पिपरवार में शुरू हुई राशनिंग
स्थिति को देखते हुए पिपरवार क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल की राशनिंग शुरू कर दी गई है। बाइक चालकों को अधिकतम ₹200 और बड़े वाहनों को ₹2000 तक का ही ईंधन दिया जा रहा है। गैलन और जरकिन में तेल देने पर रोक लगा दी गई है। कई पंपों पर “डीजल-पेट्रोल उपलब्ध नहीं” के बोर्ड भी लगाए गए हैं।
कोयला ढुलाई पर भी असर
डीजल संकट का असर अब कोयला उद्योग पर भी दिखाई देने लगा है। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) क्षेत्र में कोयला ढुलाई प्रभावित हो रही है। ट्रांसपोर्ट कंपनियों को पर्याप्त डीजल नहीं मिलने से परिवहन कार्य बाधित हो रहा है।
लोगों में बढ़ी चिंता
ईंधन संकट के चलते आम लोगों के साथ-साथ परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र में भी चिंता बढ़ गई है। यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

