

रांची: शहर के हजारों घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब पाइपलाइन में खराबी आने या किसी हिस्से के क्षतिग्रस्त होने पर भी गैस सप्लाई बंद नहीं होगी। इसके लिए गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) रांची में डबल फीड नेटवर्क तैयार कर रही है। इस नई व्यवस्था के तहत यदि एक पाइपलाइन किसी वजह से बंद हो जाती है तो दूसरी लाइन से तुरंत गैस की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।





गेल के मुताबिक, फिलहाल रांची में करीब 26 हजार घरेलू पीएनजी उपभोक्ता हैं। इनमें से लगभग 70 प्रतिशत उपभोक्ताओं को डबल फीड नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। बाकी 30 प्रतिशत इलाकों में पाइपलाइन विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। कंपनी का लक्ष्य है कि अगले छह महीनों के भीतर पूरे शहर में यह परियोजना पूरी कर ली जाए और सभी उपभोक्ताओं को वैकल्पिक गैस आपूर्ति नेटवर्क से जोड़ दिया जाए। हाल ही में टाटीसिलवे इलाके में गेल की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण कोकर, बरियातू, मोरहाबादी समेत कई इलाकों में पीएनजी की सप्लाई प्रभावित हो गई थी। इसी अनुभव के बाद कंपनी ने डबल फीड नेटवर्क को तेजी से विकसित करने का फैसला किया है।
झिरी लाइन भी बनेगी वैकल्पिक सप्लाई का मजबूत सहारा
गेल टाटीसिलवे लाइन के साथ-साथ झिरी लाइन को भी वैकल्पिक आपूर्ति मार्ग के रूप में विकसित कर रही है। दोनों लाइनों को आपस में जोड़कर शहर में एक मजबूत रिंग नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यदि किसी एक लाइन में तकनीकी खराबी आ जाए, मरम्मत का काम चल रहा हो या खुदाई के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो जाए, तब भी दूसरी लाइन से बिना किसी देरी के गैस सप्लाई जारी रखी जा सकेगी। इससे लंबे समय तक गैस बंद रहने जैसी समस्या खत्म हो जाएगी।
डबल फीड नेटवर्क से मिलेंगे ये बड़े फायदे
- शहर में पीएनजी नेटवर्क का लगातार विस्तार होगा और नए इलाकों को भी तेजी से जोड़ा जाएगा।
- भविष्य में सिर्फ घरेलू ही नहीं, बल्कि वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी इसका लाभ मिलेगा।
- पाइपलाइन के रखरखाव या मरम्मत के दौरान गैस सप्लाई रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- आपातकालीन परिस्थितियों में भी पाइप्ड नेचुरल गैस की आपूर्ति बिना रुकावट जारी रहेगी।
- उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और निर्बाध सेवा मिलेगी।
छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य
गेल के अधिकारियों के अनुसार, पूरे शहर में डबल फीड नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य अगले छह महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद रांची के सभी पीएनजी उपभोक्ता वैकल्पिक गैस आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ जाएंगे। किसी एक पाइपलाइन में खराबी आने पर भी उनके घरों में गैस की सप्लाई प्रभावित नहीं होगी। परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम जारी है।
