रांची : एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट यानी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के संबंध के खिलाफ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली।
उन्हें कोर्ट ने हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया है। इसके बाद यह बताया जा रहा है कि उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।

ऐसी खबर आ रही है कि गुरुवार तक हाई कोर्ट में उनकी ओर से याचिका दाखिल की जा सकती है। इसके लिए उनकी लीगल टीम काम करना शुरू कर चुकी है।
हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प खुला
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे (Manoj Pandey) ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आगे कदम उठाने के लिए लीगल टीम काम कर रही है।
ED पर राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई किए जाने के संबंध में लग रहे आरोप पर सुप्रीम कोर्ट की कोई टिप्पणी नहीं है।
पार्टी का मानना है कि राजनीतिक विद्वेष की वजह से ईडी सहित अन्य केंद्रीय एजेंसियों (Central Agencies) का दुरुपयोग हो रहा है। अगर हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलती है तो सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाने का विकल्प जरूर रहेगा।

इन सबके बीच ED ने चौथा समन जारी कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 23 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है।




