
रांची : जिले में निजी विद्यालयों की ओर से शैक्षणिक सत्र 2026-27 में की गई मनमानी फीस वृद्धि को लेकर झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में उपायुक्त रांची को एक विस्तृत ज्ञापन ईमेल के माध्यम से भेजा गया है, जिसमें अभिभावकों की गंभीर समस्याओं और प्रशासनिक निष्क्रियता पर सवाल उठाए गए हैं।
अजय राय ने कहा कि जिले के लगभग सभी निजी विद्यालयों ने एक साथ फीस बढ़ा दी है और इसके साथ ही एनुअल चार्ज, डेवलपमेंट चार्ज, कंप्यूटर फीस जैसे विभिन्न मदों के नाम पर अतिरिक्त वसूली लगातार जारी है। इससे अभिभावकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है और आम परिवारों के लिए बच्चों की शिक्षा कठिन होती जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में अभिभावकों द्वारा लगातार उपायुक्त रांची को शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। 21 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित निजी स्कूल प्रबंधन और प्रशासन की बैठक भी आयोजित नहीं हो सकी, जिससे अभिभावकों में गहरी निराशा और आक्रोश है।
एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के तहत जिला स्तरीय फीस निर्धारण समिति का गठन होने के बावजूद उसकी एक भी बैठक नहीं हुई है। यही नहीं, कई विद्यालय सीबीएसई/आइसीएसई के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए अपनी वेबसाइट पर पुस्तक सूची प्रकाशित नहीं कर रहे हैं और अभिभावकों को एकल विक्रेता से ही पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगें:
- जिला स्तरीय फीस निर्धारण समिति की अविलंब बैठक बुलाकर ठोस निर्णय लिया जाए
- सभी निजी विद्यालयों की फीस संरचना की जांच कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए
- अवैध शुल्क वसूली करने वाले विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई की जाए
- सभी स्कूलों को वेबसाइट पर पुस्तक सूची प्रकाशित करना अनिवार्य किया जाए
- सिंगल वेंडर की व्यवस्था समाप्त की जाए
- अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित निवारण हेतु प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए
- लंबित शिकायतों एवं पूर्व बैठकों में मांगे गए ब्योरे की समीक्षा कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
अजय राय ने स्पष्ट कहा कि अभिभावक अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते हैं। यदि प्रशासन शीघ्र इस दिशा में कदम नहीं उठाता है, तो झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन अभिभावकों के हित में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

