
Jharkhand Rajya Sabha Election : झारखंड में राज्यसभा चुनाव की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मतदान में अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं और सभी दल अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर पार्टी उम्मीदवार प्रणव झा के पक्ष में समर्थन की मांग की।
राजधानी रांची में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू, राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन और विधायक दल के नेता प्रदीप यादव शामिल रहे। नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चा की और महागठबंधन के भीतर एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया। बैठक में राज्य के विभिन्न विकासात्मक और राजनीतिक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इस बीच कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा लगातार विभिन्न राजनीतिक दलों और गठबंधन सहयोगियों से संपर्क साध रहे हैं। उन्होंने हाल ही में सीपीआई(एमएल) के नेताओं से भी मुलाकात की और अपने पक्ष में समर्थन की अपील की। बताया जा रहा है कि वाम दलों ने इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े रहने का भरोसा दिया है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार राज्यसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की स्थिति सबसे मजबूत मानी जा रही है। विधानसभा में जेएमएम के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि दूसरी सीट के लिए मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है।
दूसरी सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा और भाजपा समर्थित उम्मीदवार परिमल नथवानी के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर दोनों खेमे अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हुए हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि चुनाव के अंतिम चरण में विधायकों के समर्थन को लेकर रणनीतिक प्रयास और तेज हो सकते हैं।
फिलहाल सभी दल अपने विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग की संभावना को रोकने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। ऐसे में आगामी राज्यसभा चुनाव झारखंड की राजनीति में काफी रोचक और चर्चित मुकाबला साबित हो सकता है।

