रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने राजधानी के लालपुर स्थित प्रनामी हाइट्स में संचालित ‘फिजिक्स वाला’ कोचिंग संस्थान के परिसर को बिना जवाब पर विचार किए सील करने की रांची नगर निगम की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि शो-कॉज नोटिस के जवाब की अनदेखी कर सीधे परिसर को सील कर देना उचित कानूनी प्रक्रिया नहीं है।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि प्रशासनिक निष्पक्षता का सिद्धांत यह मांग करता है कि प्राधिकारी जवाब पर विचार कर कारणयुक्त आदेश पारित करें। यदि किसी व्यक्ति का जवाब अस्वीकार किया जाता है, तो उसके कारण भी आदेश में दर्ज होने चाहिए। बिना कोई आदेश पारित किए सीधे सीलिंग की कार्रवाई करना अत्यंत अनुचित है।
अदालत ने परिसर के मालिक अभिषेक नरसरिया को एक और राहत देते हुए दो सप्ताह के भीतर रांची नगर निगम के प्रशासक के समक्ष अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। जवाब मिलने के बाद प्रशासक याचिकाकर्ता या उनके प्रतिनिधि को सुनकर जांच करेंगे और उसके बाद तीन सप्ताह के भीतर कानून के अनुसार उचित व लिखित निर्णय लेंगे।
याचिकाकर्ता के अनुसार, रांची नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त ने 1 जुलाई 2026 को नोटिस जारी कर संस्थान में पांच कमियां बताई थीं और सात दिनों के भीतर उन्हें दूर करने को कहा था, जिसके बाद 6 जुलाई को दूसरा नोटिस भी जारी हुआ था। याचिकाकर्ता ने 8 और 9 जुलाई को ही दोनों नोटिसों के जवाब दे दिए थे, लेकिन निगम ने बिना कोई आदेश पारित किए 3 सितंबर को परिसर सील कर दिया था। इसी पूरी स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए अदालत ने याचिका का निष्पादन कर दिया।


