रांची: राजधानी रांची में विजयादशमी पर रावण दहन की परंपरा का एक ऐतिहासिक और गौरवशाली सफर रहा है। वर्ष 1948 में मात्र 12 फीट ऊंचे रावण के पुतले के निर्माण से शुरू हुआ यह आयोजन आज 76 वर्षों के बाद एक विशाल और भव्य रूप ले चुका है। पंजाबी हिन्दू बिरादरी द्वारा आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत रांची कॉलेज तथा महात्मा गांधी मार्ग स्थित डाकघर के सामने प्रांगण में खुद से 12 फीट का रावण बनाकर की गई थी।

इसके बाद वर्ष 1950 से 1955 तक रावण के पुतले का निर्माण रेलवे स्टेशन स्थित खजुरिया तालाब के पास रेस्ट कैंप (शरणार्थी शिविर) में होता था और दहन बारी पार्क (टाउन हॉल) में किया जाता था। बाद में पंजाबी हिन्दू बिरादरी के वरिष्ठ सदस्यों स्व. किशोरी लाल खन्ना, लाला देशराज, कश्मीरी लाल मल्होत्रा, एन.आर. धीमान, ईश्वर दास अजमानी, देश राज भाटिया, लाला राधा कृष्ण विरमानी, भगवान दास आनंद, यशपाल आनंद, मेहता मदन लाल, राम लाल चावला एवं टी.सी. कथूरिया ने जब बिरादरी की कमान संभाली, तब पुतले का निर्माण डोरंडा स्थित राम मंदिर में कराया जाने लगा। दर्शकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए वर्ष 1960 से मोरहाबादी मैदान को इस आयोजन के लिए सबसे उपयुक्त समझा गया और तब से लेकर आज तक रावण दहन का यह मुख्य कार्यक्रम मोरहाबादी मैदान में ही आयोजित होता आ रहा है। समय के साथ रावण के अलावा मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों के साथ-साथ सोने की लंका का निर्माण भी शुरू किया गया।
झारखंड गठन के बाद से इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य के मुख्यमंत्री तथा विशिष्ट अतिथि सांसद व विधायक होते रहे हैं। इस वर्ष भी आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। पंजाबी हिन्दू बिरादरी के अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष मोरहाबादी मैदान में रावण का पुतला 90 फीट, कुंभकर्ण का 65 फीट और मेघनाथ का पुतला 60 फीट ऊंचा होगा। इसके साथ ही 30×30 फीट की दो मंजिला सोने की लंका का भी निर्माण किया जाएगा।
परंपरा के अनुसार इस वर्ष रावण के पुतले का दहन झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। वहीं कुंभकर्ण के पुतले का दहन भारत सरकार के रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ तथा मेघनाथ के पुतले का दहन रांची के विधायक सी.पी. सिंह करेंगे। आयोजन में सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रमों की भी धूम रहेगी। स्थानीय लोक कलाकारों के अलावा धनबाद की टीम द्वारा प्रसिद्ध विक्की छाबड़ा के साथ श्री राम दरबार, श्री राम जी की जीवंत मूर्ति और रावण वध की जीवंत झांकी प्रस्तुत की जाएगी। इसके अलावा टाटा के प्रसिद्ध भांगड़ा टीम ‘सन्नी ग्रुप’ द्वारा आकर्षक भांगड़ा नृत्य की प्रस्तुति होगी।
दर्शकों के लिए आतिशबाजी का भव्य नजारा आकर्षण का केंद्र रहेगा। कोलकाता की मुखर्जी टीम द्वारा भव्य आकाशीय आतिशबाजी तथा बिहार के बक्सर जिले के मो. जलील अहमद और मो. आसीक अंसारी (“रिंकू”) द्वारा जमीनी आतिशबाजी की जाएगी। इस वर्ष का प्रमुख विशेष आकर्षण एक भव्य लेजर शो होगा। सालों से मो मुस्लिम रावण, कुंभकरण और मेघनाथ की प्रतिमा बना रहे हैं। सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए राज अस्पताल एवं पंजाबी हिन्दू बिरादरी द्वारा एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। वही पार्किंग के लिए मोरहाबादी आर्मी ग्राउंड में व्यवस्था की गई है।


