

रांची: रांची में अव्यवस्थित यातायात को दुरुस्त करने और भूगर्भ जल के अनधिकृत दोहन पर लगाम लगाने के लिए रांची नगर निगम ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम ने 24 अगस्त को शहर के प्रमुख मार्गों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत विमेंस कॉलेज के साइंस ब्लॉक के पास सड़क पर बनी 10 अस्थाई संरचनाओं को ध्वस्त कर दो ठेले जब्त किए गए।





इसके साथ ही सेंट जेवियर्स कॉलेज, सर्कुलर रोड के समक्ष कार्रवाई करते हुए तीन काउंटर, दो टेबल और अन्य सामग्रियां जब्त कर अवैध स्ट्रीट वेंडरों को हटाया गया। निगम प्रशासन ने साफ किया है कि इस अभियान का मुख्य मकसद विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम पैदल यात्रियों को सुरक्षित व बाधा रहित मार्ग प्रदान करना है। दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर आगे और कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
दूसरी ओर भूगर्भ जल के अवैध दोहन और बिना अनुमति जलापूर्ति गतिविधियों पर शिकंजा कसते हुए निगम की जलापूर्ति शाखा ने मोरहाबादी सरना टोली स्थित गो जल आरओ, चिरौंदी-बोड़िया रोड स्थित मां पानी सर्विस आरओ वाटर और मोरहाबादी कुसुम बिहार स्थित आरवी आरओ वाटर बॉटलिंग प्लांट की जांच की। जांच के दौरान तीनों इकाइयां बिना वैध लाइसेंस के संचालित पाई गईं, जिसके बाद निगम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रत्येक प्लांट पर 50-50 हजार रुपये का ऑन-स्पॉट जुर्माना लगाया, जिससे कुल 1.50 लाख रुपये की वसूली की गई।
निगम ने शहर के सभी आरओ वाटर बॉटलिंग प्लांट संचालकों को तत्काल नए नियमों के तहत आवेदन कर लाइसेंस हासिल करने का निर्देश दिया है। लाइसेंस आवेदन के लिए आधार कार्ड, फर्म का निगमन प्रमाण पत्र, अद्यतन बिजली बिल, होल्डिंग कर रसीद, केंद्रीय भूगर्भ जल प्राधिकरण की एनओसी और फोटो सहित रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचना का ब्योरा देना अनिवार्य किया गया है।
नए लाइसेंस का एकमुश्त शुल्क 25,000 रुपये और नवीकरण शुल्क 20,000 रुपये तय किया गया है, जिसके लिए अब तक करीब 90 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। नियमों का पालन न करने पर प्रतिष्ठानों को सील करने की चेतावनी देते हुए निगम ने आम जनता से जल संरक्षण में सहयोग की अपील की है और जलापूर्ति संबंधी समस्याओं के लिए टोल-फ्री नंबर 1800 570 1235 जारी किया है।
