Ranchi University : रांची विश्वविद्यालय में क्लस्टर सिस्टम लागू किए जाने के विरोध में छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को भारत का राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर क्लस्टर सिस्टम को वापस लेने की मांग उठाई। छात्रों का कहना था कि झारखंड के विश्वविद्यालय पहले से ही बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में नई व्यवस्था लागू करना छात्रों पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा होगा।
कुलपति ने छात्रों से की बातचीत
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर रांची विश्वविद्यालय की कुलपति सरोज शर्मा मौके पर पहुंचीं और छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों को सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि छात्रों की आपत्तियों और सुझावों को संबंधित विभाग तक पहुंचाया जाएगा।
कुलपति ने स्पष्ट किया कि क्लस्टर सिस्टम विश्वविद्यालय स्तर पर लागू नहीं किया गया है, बल्कि इसे मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के तहत लागू करने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
छात्रों ने उठाए बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे
छात्र नेताओं ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड जैसे आर्थिक रूप से पिछड़े राज्य में क्लस्टर सिस्टम लागू करना व्यावहारिक नहीं है। उनका कहना है कि कई कॉलेजों में अभी भी शिक्षकों की कमी, लैब, पुस्तकालय और डिजिटल संसाधनों का अभाव है।
छात्रों ने मांग की कि सरकार पहले परीक्षाओं को समय पर कराने, रिजल्ट प्रकाशित करने और कॉलेजों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत करने पर ध्यान दे, उसके बाद नई व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जाए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने शांतिपूर्ण संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का भरोसा दिया है।


