राशन में चोरी नहीं, डाका पड़ रहा है, PDS व्यवस्था में बड़ा घोटाला उजागर

Archana Ekka
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Major Scam in the PDS system : सरकारी राशन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पलामू जिले की एक IDS & Sons Rice Mill सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत चावल आपूर्ति में बड़ी अनियमितता के आरोपों में फंस गई है।

जांच के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने इस मिल को PDS दुकानों के लिए चावल देने वाली मिलों की सूची से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

क्षमता कम, आपूर्ति कई गुना ज्यादा

विभागीय जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि संबंधित राइस मिल की अधिकृत उत्पादन क्षमता केवल 12 टन प्रति घंटा है।

इसके बावजूद मिल द्वारा लातेहार, पलामू और गढ़वा—तीनों जिलों में एक साथ 12-12-12 टन प्रति घंटा, यानी कुल 36 टन प्रति घंटा चावल की आपूर्ति दिखाई गई। यह तकनीकी रूप से भी असंभव माना जा रहा है।

सत्यापन में करोड़ों का अनाज गायब

भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के दौरान करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के अनाज की भारी कमी पाई गई। इससे पूरे PDS तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि नियमों का खुला उल्लंघन है।

पांच साल के लिए प्रतिबंध की तैयारी

खाद्य आपूर्ति विभाग (Food Supply Department) ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए राइस मिल को अगले पांच वर्षों के लिए डी-बार (प्रतिबंधित) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

फिलहाल मिल प्रबंधन से उनका पक्ष मांगा गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जवाब मिलने के बाद सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।

मजिस्ट्रेटी जांच में बड़ा खुलासा

मामले की गंभीरता को देखते हुए Magistrate जांच भी कराई गई। इसमें पुष्टि हुई कि राइस मिल एक ही समय में तीनों जिलों के लिए चावल उत्पादन दिखा रही थी।

इससे संदेह और गहराता है कि PDS सिस्टम में कागजी आपूर्ति के जरिए बड़े पैमाने पर अनाज की हेराफेरी की गई है।

गढ़वा गोदाम से भी गायब मिला अनाज

विभागीय सूत्रों के अनुसार हाल ही में गढ़वा जिले के एक FCI गोदाम से करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य का अनाज गायब पाया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि गोदाम की वास्तविक भंडारण क्षमता से कहीं अधिक स्टॉक केवल कागजों में दिखाया गया था। भौतिक सत्यापन में भारी अंतर मिलने से पूरे मामले की परतें और खुलती जा रही हैं।

PDS व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस पूरे मामले ने सरकारी राशन व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब देखना होगा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है।

Share This Article
अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।