
डेस्क : मध्यप्रदेश के रतलाम की जिला सर्किल जेल इन दिनों एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप को लेकर सुर्खियों में है। एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत बंद 19 वर्षीय युवक ने दावा किया है कि जेल के अंदर उसके साथ यौन शोषण किया गया। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिता से मुलाकात के बाद खुला मामला
पूरा मामला तब सामने आया जब पीड़ित के पिता उससे मिलने जेल पहुंचे। बेटे का हाल देखकर पिता को किसी अनहोनी का शक हुआ। बातचीत के दौरान युवक ने जो बताया, उसने सबको हिला दिया। युवक का आरोप है कि जेल में बंद एक अन्य कैदी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। सबसे गंभीर बात यह है कि जब उसने इस घटना की जानकारी जेल स्टाफ को दी, तो उसकी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया गया।
मेडिकल बोर्ड से जांच के आदेश
मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष न्यायालय ने जेल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण मुख्य चिकित्सा अधिकारी या मेडिकल बोर्ड से कराया जाए। साथ ही युवक के बयान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के सामने दर्ज कराने के आदेश भी दिए गए हैं, ताकि किसी तरह के दबाव की संभावना खत्म हो सके। दूसरी ओर, जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह भदौरिया ने बताया कि विभागीय स्तर पर आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। उनका कहना है कि कोर्ट के आदेशों का पालन किया जा रहा है और अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी।
जेल प्रशासन पर उठे सवाल
कोर्ट के सख्त रुख के बाद जेल प्रशासन में हलचल मच गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर इतने दिनों तक जेल अधिकारियों को इस घटना की जानकारी क्यों नहीं मिली? क्या वाकई यह मामला नजरअंदाज किया गया या फिर इसे दबाने की कोशिश हुई? फिलहाल, पूरे रतलाम में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है और सभी की नजर अब मेडिकल रिपोर्ट और मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज होने वाले बयानों पर टिकी है।

