आरईसी की इकाई ने दो बिजली पारेषण परियोजनाएं बोलीदाताओं को सौंपी

आरईसी की इकाई ने 3,300 करोड़ रुपये से अधिक की दो बिजली पारेषण परियोजनाएं संबंधित कंपनियों को सौंपीं। दोनों परियोजनाएं देश के पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करेंगी।

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नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी आरईसी की इकाई आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी ने दो बिजली पारेषण परियोजनाएं संबंधित बोलीदाताओं को सौंप दी है। परियोजना के लिए बनी विशेष उद्देश्यीय कंपनी भाडला रामगढ़ पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड को 400/220 केवी भडला-तीन पूलिंग स्टेशन, 765/400 केवी रामगढ़ पूलिंग स्टेशन और 765/400 केवी कानपुर पूलिंग स्टेशन की क्षमता बढ़ाने के लिए बनाया गया है। इसे 20 जनवरी, 2029 तक पूरा करने की योजना है। इसकी अनुमानित लागत 1,035 करोड़ रुपये है।

आरईसी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि इस विशेष उद्देश्यीय इकाई (एसपीवी) को पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को सौंप दिया गया है। दूसरी एसपीवी, ‘शोंगटोंग पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड’, हिमाचल प्रदेश में 400/220 केवी जीआईएस झांगी पूलिंग स्टेशन बनाने, 400 केवी झांगी पीएस से वांगटू तक 50-किलोमीटर की डबल-सर्किट लाइन बिछाने और 400 केवी पंचकूला से वांगटू तक 175-किलोमीटर की लाइन बिछाने से जुड़ी है। इसे 30 माह के अंदर पूरा करने की योजना है और इसकी अनुमानित लागत 2,286 करोड़ रुपये है।

बयान के अनुसार, शोंगटोंग पावर ट्रांसमिशन लि. को टेरालाइट सोलर एनर्जी टिनवारी प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दिया गया है। बयान के अनुसार, दोनों बोली लगाने वालों को आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी द्वारा आयोजित शुल्क आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिये चुना गया था और ये परियोजनाएं बनाओ, अपनाओ, चलाओ और सौंप दो (बीओओटी) आधार पर विकसित की जाएंगी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।