
RIMS Ranchi : जोड़ों के दर्द, शरीर में लगातार जकड़न और अर्थराइटिस जैसी समस्याओं से परेशान मरीजों के लिए अच्छी खबर है। रांची के रिम्स (RIMS) में अब HLA-B27 जांच की सुविधा सिर्फ 475 रुपये में उपलब्ध है। यही जांच निजी लैब में कराने पर मरीजों को करीब 4,000 से 4,500 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।
रिम्स के लैब मेडिसिन विभाग में पिछले तीन महीनों से अत्याधुनिक RT-PCR मशीन के जरिए यह जांच की जा रही है। मरीज का ब्लड सैंपल अस्पताल की लैब में ही जांचा जाता है, जिससे रिपोर्ट जल्दी मिल जाती है। अस्पताल के मुताबिक पूरी प्रक्रिया में करीब डेढ़ घंटे का समय लगता है।
बिहार-झारखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सिर्फ रिम्स में सुविधा
रिम्स का दावा है कि फिलहाल बिहार और झारखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में यह सुविधा सिर्फ यहीं उपलब्ध है। निजी लैब में अक्सर सैंपल दूसरे बड़े शहरों में भेजे जाते हैं, जबकि रिम्स में पूरी जांच अस्पताल की लैब में ही पूरी कर ली जाती है।
किन बीमारियों की पहचान में मदद करती है HLA-B27 जांच?
यह जांच खास तौर पर अर्थराइटिस (गठिया) और कई ऑटोइम्यून बीमारियों की पहचान में मदद करती है। अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो डॉक्टरों को रीढ़ की हड्डी, जोड़ों और आंखों में होने वाली सूजन जैसी समस्याओं के कारण समझने में आसानी होती है। वहीं रिपोर्ट निगेटिव आने पर ऐसी बीमारियों की संभावना कम मानी जाती है।
मरीजों को क्या होगा फायदा?
रिम्स में यह जांच शुरू होने से मरीजों को अब कम खर्च में बेहतर सुविधा मिल रही है। निजी लैब के मुकाबले करीब 90 प्रतिशत तक पैसे की बचत हो रही है। साथ ही रिपोर्ट जल्दी मिलने से इलाज भी समय पर शुरू किया जा सकता है, जिससे गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाना आसान होगा।

