रिम्स के विश्राम सेवा सदन में बढ़ी भीड़, इतने किराए में मिल रहा बेड और डोरमेट्री

रिम्स रांची के विश्राम सेवा सदन में किराया और सिक्योरिटी मनी घटने से मरीजों के परिजनों की संख्या बढ़ी। सस्ती आवास सुविधा का लाभ अब अधिक लोग उठा रहे हैं।

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रांची: रिम्स स्थित विश्राम सेवा सदन में किराया और सिक्योरिटी मनी कम किए जाने के बाद मरीजों के परिजनों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। रिम्स प्रबंधन के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में 1,800 से अधिक लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया, जबकि पिछले वर्ष यहां प्रतिदिन औसतन करीब 65 लोग ही ठहरते थे। अब मरीज के वैध ओपीडी या आईपीडी पर्ची दिखाने पर पहले सात दिनों तक मात्र 25 रुपये प्रति बेड प्रतिदिन की दर से आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। आठवें दिन से यह शुल्क 50 रुपये प्रतिदिन होगा। पहले शुरुआती सात दिनों के लिए 100 रुपये और उसके बाद 150 रुपये प्रतिदिन देने पड़ते थे। इसके अलावा, रिफंडेबल सिक्योरिटी मनी 500 रुपये से घटाकर 200 रुपये कर दी गई है।

करीब 5,034 वर्गमीटर क्षेत्र में बने इस विश्राम सेवा सदन का निर्माण 2019 में शुरू हुआ था और जुलाई 2024 में इसका उद्घाटन हुआ। अधिकारियों के अनुसार यहां हर वर्ष लगभग 90 हजार लोगों को लाभ मिल सकता है। हालांकि, रियायती दरों के बावजूद बड़ी संख्या में मरीजों के परिजन अब भी इस सुविधा से अनजान हैं। जानकारी के अभाव में कई परिवार अस्पताल के बाहर निजी लॉज और होटलों में अधिक किराया चुकाने को मजबूर हैं।

रिम्स के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. शिशिर ने बताया कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सस्ती आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किराया और सुरक्षा राशि में कमी की गई है। उन्होंने कहा कि शुल्क घटने के बाद विश्राम सेवा सदन में ठहरने वालों की संख्या बढ़ी है, लेकिन अब भी जागरूकता की कमी बड़ी चुनौती है। इसके लिए सूचना प्रसार को और प्रभावी बनाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक मरीजों के परिजन इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।