
रांची : राष्ट्रीय जनता दल ने नीट पेपर लीक और देश की बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अविलंब इस्तीफे की मांग की है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राजद के वरिष्ठ नेता, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक गौतम सागर राणा के नेतृत्व में आयोजित एक प्रेस वार्ता में चेतावनी दी गई कि यदि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ, तो यह छात्र आंदोलन मोदी सरकार के पतन का कारण बनेगा। 1974 के जेपी आंदोलन के संदर्भ का हवाला देते हुए गौतम सागर राणा ने कहा कि लोकतंत्र ‘लोक राज और लोक लाज’ से चलता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह 1974 में गुजरात से शुरू हुआ एक छोटा छात्र आंदोलन बाद में जेपी के नेतृत्व में देश का सबसे बड़ा जनांदोलन बना था, ठीक उसी तरह वर्तमान छात्र आंदोलन भी पूरे देश में फैल चुका है और यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया तो सरकार का गद्दी से हटना तय है।
प्रेस वार्ता के दौरान राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री युवाओं और छात्रों के प्रति निष्ठुर हो गए हैं और सरकार की नींद 27 दिनों बाद खुली है। उन्होंने कहा कि वर्तमान छात्र आंदोलन 1974 के जेपी आंदोलन से भी बड़ा रूप ले चुका है, जो केवल राजनीतिक मांग नहीं बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था के सुधार की लड़ाई है। आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में लगभग 152 बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जो शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा हैं। इसके अलावा उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई, पलायन, स्वास्थ्य, कृषि और आर्थिक मोर्चे पर भी सरकार को पूरी तरह विफल बताया।
प्रेस वार्ता में राजद नेताओं ने बीजेपी समर्थकों द्वारा पत्रकारों पर की गई कथित पत्थरबाजी की कड़े शब्दों में निंदा की और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन करार दिया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि पूरा विपक्ष और देश इस आंदोलन में छात्रों के साथ खड़ा है और राजद आने वाले समय में मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेगी। इस मौके पर प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार, आबिद अली, महासचिव प्रणय कुमार बबलू, सचिव रामकुमार यादव और चंद्रशेखर भगत सहित कई अन्य नेता मौजूद थे।

