
टेलीविजन की लोकप्रिय अभिनेत्री रुबीना दिलैक का मानना है कि मां बनने के बाद उनकी जिंदगी पहले से कहीं अधिक जिम्मेदार और संतुलित हो गई है। जुड़वा बेटियों जीवा और ईधा के जन्म के बाद उन्होंने न सिर्फ अपनी निजी जिंदगी को नए तरीके से अपनाया, बल्कि पेशेवर जीवन में भी नई ऊर्जा के साथ वापसी की। रुबीना कहती हैं कि मातृत्व ने उन्हें अधिक धैर्यवान, संवेदनशील और मजबूत बनाया है। उनके अनुसार, परिवार और करियर के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन सही सहयोग और सकारात्मक सोच के साथ यह पूरी तरह संभव है।
पति अभिनव बने सबसे बड़ा सहारा
रुबीना बताती हैं कि जुड़वा बेटियों की परवरिश में उनके पति अभिनव शुक्ला ने हर कदम पर उनका साथ दिया। उनका मानना है कि बच्चों की परवरिश केवल मां की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि दोनों माता-पिता की साझेदारी से ही परिवार मजबूत बनता है। उन्होंने कहा कि वे और अभिनव मिलकर हर जिम्मेदारी निभाते हैं, जिससे उन्हें अपने करियर पर भी ध्यान देने का अवसर मिलता है। रुबीना के अनुसार, यदि परिवार का सहयोग मिले तो महिलाएं मातृत्व और करियर दोनों को सफलतापूर्वक संभाल सकती हैं।
फिटनेस और अनुशासन है सफलता का राज
रुबीना सोशल मीडिया पर अपने ग्लैमरस और फिट अंदाज के लिए भी जानी जाती हैं। इस बारे में उनका कहना है कि वह किसी खास फिगर या लुक के लिए फिटनेस नहीं अपनातीं। उनका उद्देश्य हमेशा शरीर और दिमाग को स्वस्थ रखना होता है ताकि उनकी ऊर्जा बनी रहे और काम पर उसका सकारात्मक असर दिखाई दे। वह नियमित व्यायाम, संतुलित खान-पान और अनुशासित जीवनशैली को अपनी फिटनेस का आधार मानती हैं। उनके अनुसार, जब शरीर और मन स्वस्थ होते हैं तो खूबसूरती अपने आप निखरकर सामने आती है।
रिश्तों को निभाने के लिए जरूरी है प्रयास
रुबीना और अभिनव शुक्ला का रिश्ता कई उतार-चढ़ाव से गुजरा है। उन्होंने स्वीकार किया कि एक समय ऐसा भी आया था जब दोनों का रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच गया था। लेकिन कठिन दौर में अभिनव ने कभी हार नहीं मानी। रुबीना का कहना है कि फिल्मों में दिखाई जाने वाली प्रेम कहानी वास्तविक जीवन से काफी अलग होती है। असली प्यार हर दिन रिश्ते को निभाने, समझने और स्वीकार करने का नाम है। जब आप अपने साथी की कमियों के बावजूद उसके साथ रहना चाहते हैं, तभी रिश्ता मजबूत बनता है। उनका मानना है कि रिश्तों को सफल बनाने के लिए लगातार संवाद, धैर्य और विश्वास जरूरी है।
मां बनने के बाद करियर की चुनौतियां
रुबीना ने मनोरंजन जगत में मातृत्व के बाद आने वाली चुनौतियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि समाज और इंडस्ट्री में आज भी कई लोग यह मानते हैं कि मां बनने के बाद अभिनेत्री लीड रोल के लिए उपयुक्त नहीं रहती। उन्हें भी कई लोगों ने कहा था कि मातृत्व के बाद उन्हें मुख्य भूमिकाएं मिलना बंद हो जाएंगी। इतना ही नहीं, मां बनने के बाद उनके हाथ से कई प्रोजेक्ट भी निकल गए। हालांकि उन्होंने इन परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया।
सकारात्मक सोच से मिली नई पहचान
रुबीना का कहना है कि महिलाओं के सामने मातृत्व के बाद कई तरह के मानसिक और पेशेवर दबाव आते हैं। उन्हें उम्र, लुक और करियर को लेकर लगातार जज किया जाता है। ऐसे माहौल में आत्मविश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। वह मानती हैं कि डर और असुरक्षा की भावना स्वाभाविक है, लेकिन इन्हीं परिस्थितियों के बीच आगे बढ़ने का रास्ता भी तलाशना पड़ता है। रुबीना की कहानी यह संदेश देती है कि यदि परिवार का सहयोग, आत्मविश्वास और मेहनत साथ हो तो महिलाएं मातृत्व और करियर दोनों में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं।

