
रांची : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) के बोकारो थर्मल पावर स्टेशन (बीटीपीएस) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बीटीपीएस से निकलने वाला दूषित बहिस्राव एक बार फिर दामोदर नदी को प्रदूषित कर रहा है। यह गंदा पानी राख, छाई, तैलीय पदार्थों और हानिकारक रासायनिक तत्वों से भरा हुआ है, जो सीधे कोनार नदी और दामोदर नदी के संगम स्थल के पास गिर रहा है। जारी बयान में सरयू राय ने कहा कि बिजली उत्पादन प्रक्रिया के दौरान निकलने वाले इस दूषित बहिस्राव को सामान्य तौर पर ऐश पॉन्ड में भेजा जाता है, ताकि यह नदी में न जाए और वहां इसका सुरक्षित निस्तारण किया जा सके। लेकिन हैरानी की बात यह है कि ऐश पॉन्ड में जाने वाला यही बहिस्राव वहीं से नदी में छोड़ा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि दामोदर बचाओ आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने शनिवार सुबह बीटीपीएस प्रबंधन की ओर से हो रही इस लापरवाही की तस्वीरें भेजी हैं। जानकारी के मुताबिक, दूषित बहिस्राव को ऐश पॉन्ड तक ले जाने वाली पाइपलाइन ऐश पॉन्ड के ठीक पहले फट गई है। इसके कारण गंदा पानी ऐश पॉन्ड में जाने के बजाय बाहर फैल रहा है और पास के नाले के जरिए कोनार नदी में पहुंचकर दामोदर को प्रदूषित कर रहा है। सरयू राय ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है। कभी पाइपलाइन फट जाती है तो कभी ऐश पॉन्ड की दीवार टूट जाती है। नतीजा यह होता है कि कोनार और दामोदर नदी हर बार लापरवाही की कीमत चुकाती हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़ी कई तस्वीरें उन्होंने बोकारो के उपायुक्त को भेजी हैं और मांग की है कि जिला पर्यावरण समिति के अध्यक्ष के अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए तुरंत प्रदूषण रोका जाए और बीटीपीएस प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की जाए। सरयू राय ने यह भी कहा कि बीटीपीएस प्रबंधन समय-समय पर अपना दूषित बहिस्राव दामोदर में गिराता रहा है, क्योंकि ऐश पॉन्ड में जमा राख का नियमित निस्तारण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अभी यह हाल है तो बरसात में स्थिति कितनी गंभीर होगी। उस समय प्लांट से निकलने वाला दूषित बहिस्राव सीधे नदी में छोड़ा जा सकता है, जो तेज जल प्रवाह के साथ बह जाएगा और प्रदूषण के सबूत भी नहीं बचेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कानूनी जिम्मेदारी है कि जो उद्योग प्रदूषण रोकने में नाकाम हैं, उन पर सख्त कार्रवाई करे।

