
सावन शिव को अति प्रिय, इस मास में जलाभिषेक से पूरी होती है मनोकामना – विद्या कांत तिवारी महाराज
लातेहार : महुआडांड़ सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही पूरे क्षेत्र में शिवमय माहौल बन गया है। हिंदू धर्म में सावन को सबसे पवित्र और फलदायी महीना माना जाता है। महुआडांड़ अनुमंडल के मंदिरों, शिवालयों और घर-घर में इस समय भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना हो रही है। जलाभिषेक और रुद्राभिषेक से पूरा क्षेत्र गूंज रहा है।
सावन क्या है और क्यों मनाते हैं?
सावन हिंदू पंचांग का पांचवां महीना है। मान्यता है कि इसी महीने में समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण किया था। विष की जलन को शांत करने के लिए देवताओं ने उन्हें जल अर्पित किया था। तभी से सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है।इस महीने में पड़ने वाले सोमवार का व्रत विशेष महत्व रखता है। कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए और सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए 16 सोमवार का व्रत रखती हैं।
महुआडांड़ में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा सावन
महुआडांड़ के शिव मंदिर, और अन्य शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। बेलपत्र, धतूरा, दूध और गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक किया जा रहा है युवा और महिलाएं हरे वस्त्र पहनकर व्रत रख रही हैं। लोध फॉल से सरनाधाम तक प्रस्तावित कांवड़ यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
पंडित जी का बयान
इस संबंध में श्रीकोट के मुख्य पुजारी विद्याकांत तिवारी महाराज ने बताया सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। शास्त्रों में कहा गया है कि जो भी भक्त इस पवित्र मास में सच्चे मन से शिव की आराधना करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सावन सोमवार को रुद्राभिषेक करने से घर में सुख-शांति आती है और रोग-दोष दूर होते हैं।उन्होंने आगे कहा महुआडांड़ क्षेत्र की धरती आध्यात्मिक है। यहां लोध फॉल जैसी पवित्र जगह है। इसलिए यहां के लोग सावन को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। जल, जंगल और जमीन की पूजा करना हमारी संस्कृति है और सावन हमें प्रकृति से जोड़ता है।
धार्मिक और सामाजिक महत्व
सावन सिर्फ पूजा का महीना नहीं है। यह प्रकृति, पर्यावरण और भाईचारे का भी प्रतीक है। इस महीने हरे रंग की चूड़ियां, मेहंदी और झूले का विशेष महत्व है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अच्छी बारिश और फसल के लिए भी शिव से प्रार्थना करते हैं।महुआडांड़ के लोग पूरे महीने भक्ति भाव से सावन मनाकर क्षेत्र में शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

