शाहिद कपूर ने खोली फेक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की पोल, बोले- पैसे हों तो कुछ भी छप सकता है

Manu Shrivastava
3 Min Read
शाहिद कपूर ने सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर कही ये बात
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

साल 2019 में रिलीज हुई शाहिद कपूर की फिल्म कबीर सिंह ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की थी। इसके बाद से दर्शक और इंडस्ट्री दोनों ही शाहिद की अगली बड़ी ब्लॉकबस्टर का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि उनकी हालिया फिल्में उस स्तर की कमाई नहीं कर सकीं, लेकिन शाहिद इसे लेकर निराश नहीं हैं। उनका मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और सफलता को मापने के पैमाने भी पहले जैसे नहीं रहे।

फेक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर शाहिद का बड़ा बयान

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में शाहिद कपूर ने बॉलीवुड में चल रहे PR तंत्र और कथित फेक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के दावों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि किसी कमजोर फिल्म को सिर्फ प्रचार के दम पर शानदार नहीं बनाया जा सकता। शाहिद के अनुसार, आज के दौर में कुछ लोग बेहद साधारण या खराब फिल्मों को भी ब्लॉकबस्टर बताकर पेश करने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि किसी के पास पर्याप्त पैसा है तो वह अपने पक्ष में खबरें और आंकड़े प्रकाशित करवा सकता है। शाहिद का मानना है कि वास्तविक सफलता दर्शकों के दिलों में जगह बनाने से मिलती है, न कि केवल प्रचार और आंकड़ों से।

आलिया भट्ट की ‘पेड ट्रोलिंग’ पर भी रखी राय

जब आलिया भट्ट के खिलाफ कथित ‘पेड ट्रोलिंग’ के विवाद पर उनसे सवाल पूछा गया, तो शाहिद ने संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति के लिए सफलता और असफलता बहुत अधिक मायने रखने लगती है, तब वह दूसरों को नीचा दिखाने की कोशिश कर सकता है। उनके अनुसार, प्रतिस्पर्धा के दबाव में कई लोग नकारात्मक रणनीतियां अपनाने लगते हैं।

शोहरत के साथ आती है नफरत भी

शाहिद कपूर ने सोशल मीडिया पर बढ़ती नफरत और ट्रोलिंग को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि लोकप्रियता के साथ आलोचना और नकारात्मकता भी आती है। जहां एक तरफ लोगों का प्यार मिलता है, वहीं दूसरी तरफ आलोचना भी जीवन का हिस्सा बन जाती है।

अंत में शाहिद ने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि इंसान को अपनी कमियों को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खुद को केवल एक ‘ब्रांड’ या बनाई गई छवि समझना खतरनाक है। व्यक्ति को वास्तविकता से जुड़ा रहना चाहिए और अपनी कमजोरियों को छिपाने के बजाय उन्हें स्वीकार करना चाहिए।

Share This Article