

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में “बड़ा बदलाव” लाने के लिए उनकी सरकार का कामकाज चार-सूत्री एजेंडे पर आधारित है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद के मामले में कोई समझौता न करने का रुख भी शामिल है।





सिलीगुड़ी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का चार-सूत्री एजेंडा है-राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद, जन कल्याण, केंद्र-राज्य समन्वय और यह सुनिश्चित करना कि सभी योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे।”
अधिकारी ने कहा कि कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उनकी सरकार ने बांग्लादेश से सटी पश्चिम बंगाल की सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को जमीन सौंपी और जनगणना की प्रक्रिया को भी मंजूरी दी।
उन्होंने कहा, “जनगणना को लेकर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। पिछली सरकार ने इसके लिए मंजूरी नहीं दी थी। (पदभार संभालने के तुरंत बाद) मैंने मुख्य सचिव को यह काम तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया।”
अधिकारी ने कहा कि राज्य में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू कर दी गई है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के तहत लाया गया एक बड़ा कानूनी सुधार बताया।
अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने पश्चिम बंगाल में नये आपराधिक कानून को लागू करने का काम लटकाए रखा था।
उन्होंने कहा कि चार-सूत्री एजेंडा राज्य सरकार के कामकाज का मार्गदर्शन करेगा, क्योंकि वह पश्चिम बंगाल में “बड़ा बदलाव” लाने की दिशा में काम कर रही है।
