…अब साथियों ने भी सुशील को दे दिया दगा

नई दिल्ली: छत्रसाल स्टेडियम में सागर की हत्या के मामले में सुशील की अब और मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। रविवार को पुलिस ने हत्या के आठ आरोपितों को एक साथ बिठाकर पूछताछ की।

इस दौरान सुशील के अधिक्तर साथियों ने स्टेडियम में मौजूद होने की बात तो कबूली, लेकिन मारपीट में शामिल होने की बात से साफ इनकार कर दिया।

उन्होंने दावा किया कि मार-पीट सुशील ने ही की, जिससे सागर की मौत हुई। आरोपितों के बयान पुलिस ने फिलहाल दर्ज कर लिए हैं।

ज्ञात हो कि बीते चार मई की रात छत्रसाल स्टेडियम पर सागर, अमित और सोनू महाल की जमकर पिटाई की गई थी। इसके चलते उपचार के दौरान सागर ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था।

वहीं अन्य दो घायलों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। इस बाबत मॉडल टाउन थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था, जिसकी जांच पुलिस कमिश्नर द्वारा क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।

उक्त हत्या के मामले में मुख्य आरोपित सुशील पहलवान को बनाया गया है, जिसे करीब 18 दिन तक फरार रहने के बाद स्पेशल सेल ने मुंडका इलाके से गिरफ्तार किया था।

हत्या के इस मामले में अब तक कुल नौ आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि करीब एक दर्जन आरोपितों की तलाश में छापेमारी चल अभी भी चल रही है।

आठ आरोपियों से हुई आमने-सामने बिठाकर पूछताछ

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार प्रिंस फिलहाल जेल में है। वहीं अन्य आठ आरोपित रविवार को पुलिस हिरासत में थे।

रविवार सुबह उन्होंने हत्या के इन आठ आरोपितों से आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की। इस दौरान सभी आरोपितों ने हत्या के लिए सीधे सुशील को ही जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कबूल किया कि वह सुशील के बुलाने पर छत्रसाल स्टेडियम गए जरूर थे। वहां पर 18 से 20 पहलवान वारदात के समय मौजूद थे, लेकिन इस मारपीट में उनकी कोई भूमिका नहीं है।

सागर को बेरहमी से केवल सुशील ने पीटा, जिसके चलते उसकी मौत हुई। सूत्रों की मानें तो आरोपित भले ही पूरा ठीकरा सुशील पर फोड़ रहे हैं, लेकिन इससे उन्हें भी कोई राहत मिलने वाली नहीं है।

एक दर्जन आरोपितों की तलाश जारी

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपितों ने कुछ ऐसे लोगों के नाम बताए हैं जो वारदात के समय स्टेडियम में मौजूद थे। ऐसे लोगों की पहचान कर पुलिस टीम उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

इसके साथ ही सुशील ने जिन लोगों के बारे में फरारी के दौरान मदद करने की जानकारी दी है। पुलिस की एक टीम उनकी तलाश में भी दबिश दे रही है।

पुलिस का कहना है कि जिन लोगों ने 18 दिन की फरारी में सुशील को सहयोग किया है, वह भी इस मामले में आरोपी बनाए जाएंगे।

हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को किसी भी दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
Back to top button