
गर्मी के मौसम में थकान, सुस्ती और बेचैनी महसूस होना आम बात है, लेकिन अगर भरपूर नींद के बाद भी शरीर में ऊर्जा न महसूस हो तो यह “समर फटीग” या “हीट एक्जॉशन” का संकेत हो सकता है। यह स्थिति तब होती है जब शरीर बढ़ते तापमान के अनुसार खुद को ढाल नहीं पाता।
समर फटीग और हीट स्ट्रोक में अंतर
समर फटीग में शरीर कमजोर और थका हुआ महसूस करता है, लेकिन शरीर का तापमान बहुत अधिक नहीं बढ़ता। पसीना आता रहता है और व्यक्ति को छांव या ठंडी जगह पर आराम देने से राहत मिल जाती है। वहीं हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और पसीना आना बंद हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत अस्पताल ले जाना जरूरी होता है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
यदि गर्मियों में बाल अधिक झड़ने लगें, ज्यादा प्यास लगे, चक्कर आएं, सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत हो, भूख कम लगे या 8 घंटे की नींद के बाद भी थकान बनी रहे तो यह समर फटीग के संकेत हो सकते हैं। लगातार सिर दर्द और निर्णय लेने में परेशानी भी इसके लक्षण माने जाते हैं।
बचाव के आसान उपाय
गर्मी में शरीर से जरूरी मिनरल्स निकल जाते हैं, इसलिए केवल पानी पीना काफी नहीं होता। छाछ में काला नमक और भूना जीरा मिलाकर पीना फायदेमंद माना जाता है। नारियल पानी, नींबू पानी और सत्तू शरीर को हाइड्रेट रखते हैं। भारी भोजन की जगह दलिया, खीरा और हल्का खाना लें। छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें और घर में ब्लैकआउट पर्दों का इस्तेमाल करें ताकि कमरा ठंडा बना रहे।

