
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत नौवीं कक्षा से तीसरी भाषा शुरू किए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे छात्रों का तनाव बढ़ेगा। न्यायालय ने सुझाव दिया कि यदि तीसरी भाषा लागू करनी है तो इसे पांचवीं या छठी कक्षा से शुरू किया जाना चाहिए, ताकि छात्र इसे आसानी से सीख और समझ सकें। न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने मौखिक रूप से केंद्र सरकार से कहा कि नौवीं कक्षा से तीसरी भाषा लागू नहीं की जानी चाहिए।

