
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को एक वकील को उसके द्वारा दायर 47 जनहित याचिकाओं में से 17 को वापस लेने की अनुमति दे दी। इस वकील को पिछले महीने “महत्वहीन और निराधार” याचिकाएं दायर करने पर न्यायालय ने फटकार लगाई थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने सचिन गुप्ता को ये याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दी। याचिकाकर्ता के रूप में पेश हुए सचिन गुप्ता ने कहा कि मैं सारी याचिकाएं वापस ले रहा हूं और अब संबंधित अधिकारियों से संपर्क करूंगा। गौरतलब है कि बीते महीने ही अदालत ने उन्हें तुच्छ और आधारहीन जनहित याचिकाएं दायर करने के लिए फटकार लगायी थी। सबसे तीखी टिप्पणी 9 मार्च को देखने को मिली थी जब एक याचिका में यह मांग की गयी थी कि क्या प्याज और लहसुन में तामसिक ऊर्जा होती है। इस पर वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए। इसपर नाराजगी जाहिर करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने उनके ड्राफ्टिंग के समय पर ही सवाल उठा दिया था।

