नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों और संबंधित अधिकारियों को आर्द्रभूमियों की मौके पर जाकर पड़ताल करने और उनकी सीमाएं तय करने का निर्देश देते हुए कहा है कि जब कीमती जलस्रोतों की सुरक्षा नहीं हो रही हो, तो अदालतें इस स्थिति को नजरअंदाज नहीं कर सकतीं।

न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति विपुल एम. पांचोली की पीठ ने कहा कि जलस्रोत पेयजल के स्रोत हैं, इसलिए वे बहुत कीमती हैं। ये संविधान के तहत मिले जीवन के अधिकार के दायरे में आते हैं।


