बच्चों को आगे बढ़ने के लिए शिक्षा, अवसर और सही मार्गदर्शन मिलना जरूरी : हर्ष मल्होत्रा

स्वनाथ सम्मेलन-2026 में बच्चों और युवाओं को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और सही मार्गदर्शन देने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने 18 वर्ष बाद मजबूत आफ्टर-केयर व्यवस्था की जरूरत बताई।

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नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। मल्होत्रा ने कहा कि बच्चों के सपनों को परिस्थितियों की बाधा न बनने देने के लिए उन्हें शिक्षा, अवसर और सही मार्गदर्शन मुहैया कराना जरूरी है। ‘स्वनाथ सम्मेलन-2026 : अनाथ से स्वनाथ की ओर’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुये बृहस्पतिवार को मल्होत्रा ने कहा कि समाज की जिम्मेदारी केवल बच्चों को संरक्षण देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनकी क्षमताओं को निखारने की दिशा में भी काम करना चाहिए।

एक बयान के मुताबिक, मल्होत्रा ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें उचित मंच दिया जाना चाहिए, ताकि कठिन परिस्थितियां उनके सपनों और भविष्य की राह में रुकावट न बनें। कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि 18 वर्ष की आयु किसी बच्चे के संरक्षण की समाप्ति नहीं, बल्कि उसके नए जीवन की शुरुआत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाल देखभाल संस्थानों से बाहर आने के बाद ‘आफ्टर-केयर’ व्यवस्था में शामिल होने वाले युवाओं को बैंकिंग, वित्तीय साक्षरता, रोजगार, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, दस्तावेज प्रबंधन, जीवन कौशल और मेंटरशिप जैसी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है।

बिष्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि 18 वर्ष की आयु के बाद कोई युवा खुद को अकेला महसूस न करे, सरकार, विश्वविद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और समाज को मिलकर दीर्घकालिक सहयोग व्यवस्था तैयार करनी होगी। बयान के अनुसार, ‘नई उड़ान ट्रस्ट’ और ‘विश्व मांगलय स्वनाथ परिषद’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम को दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग तथा गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय का सहयोग मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों और 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद ‘आफ्टर-केयर’ व्यवस्था में आने वाले युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों पर व्यापक चर्चा करना था।

इसके साथ ही उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार, कानूनी सहायता, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए एक प्रभावी सामाजिक सहयोग तंत्र विकसित करने पर भी विचार किया गया। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने इस मौके पर कहा कि समाज के विकास का वास्तविक पैमाना केवल भौतिक संसाधनों का निर्माण नहीं है। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक माना जाएगा जब समाज का हर बेटा और बेटी मुख्यधारा से जुड़े और अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर पाए। बयान में कहा गया है कि ‘नई उड़ान ट्रस्ट एवं विश्व मांगलय स्वनाथ परिषद’ के संयुक्त तत्वावधान में दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग और गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।