चारधाम प्रोजेक्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने उच्चाधिकार समिति से मांगी दो हफ्ते में रिपोर्ट

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उच्चाधिकार समिति को निर्देश दिया है कि वह उत्तराखंड में चारधाम प्रोजेक्ट के लिए सड़क की चौड़ाई बढ़ाने को लेकर रक्षा मंत्रालय और सड़क परिवहन मंत्रालय के आवेदनों पर नए सिरे से विचार करे।

कोर्ट ने उच्चाधिकार समिति को निर्देश दिया कि वो सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क के चौड़ीकरण और चारधाम प्रोजेक्ट के मसले पर नए सिरे से विचार कर दो हफ्ते में रिपोर्ट दाखिल करे।

सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार इस पर काम कर रही है। जितने भी मुद्दे याचिका में उठाए गए हैं, उन पर संबंधित मंत्रालय जल्द ही चर्चा करेंगे।

उन्होंने कोर्ट से समय देने की मांग की। तब कोर्ट ने कहा कि सरकार तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करे। इस मामले पर अगली सुनवाई जनवरी के तीसरे हफ्ते में होगी।

कोर्ट ने पिछले 8 सितम्बर को पक्की सड़क की चौड़ाई साढ़े पांच मीटर और दोनों तरफ डेढ़-डेढ़ मीटर कच्चे फुटपाथ बनाने की इजाजत दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 2018 के सर्कुलर के मुताबिक चलें।चारधाम प्रोजेक्ट में उत्तराखंड के चार शहरों यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ को सभी मौसम के अनुकूल सड़कों से जोड़ने की योजना है।

इसके तहत उत्तराखंड में 900 किलोमीटर लंबे नेशनल हाइवे का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद हर मौसम में चार धाम की यात्रा की जा सकेगी।

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