तृणमूल सांसद ने सत्य निकेतन के इमारत हादसे को लेकर दिल्ली में भाजपा के ‘ट्रिपल इंजन’ पर निशाना साधा

सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने भाजपा की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार पर निशाना साधा और दिल्ली में शासन व्यवस्था पूरी तरह चरमराने का आरोप लगाया।

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नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने सत्य निकेतन इमारत हादसे को लेकर सोमवार को केंद्र और दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी में रोज़मर्रा का शासन ‘पूरी तरह चरमरा’ गया है। उनका बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास सत्य निकेतन की एक संकरी गली में लड़कों के ‘पेइंग गेस्ट’ (पीजी) के रूप में इस्तेमाल हो रही करीब 30 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत रविवार अपराह्न ढह गई। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हो गये। बचाव एजेंसियों ने अब तक मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला है, जबकि मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या अभी पता नहीं चल पाई है।

राज्यसभा सदस्य घोष ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘रोजमर्रा के प्रशासन के पूरी तरह से ठप पड़ जाने का जितना साफ़ उदाहरण नयी दिल्ली है, उतना कोई और शहर नहीं है। यहां भाजपा के ‘ट्रिपल इंजन’ यानी एमसीडी, राज्य सरकार और केंद्र सरकार का शासन है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जानलेवा आग, सड़कों पर बहता गंदा पानी, महिलाओं के खिलाफ रोज़ाना होने वाले घिनौने अपराध… और अब, कॉलेज हॉस्टल की इमारत के ढहने की चौंकाने वाली घटना, जिसमें दुखद रूप से युवा छात्रों की जान चली गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।’’ घोष ने आरोप लगाया कि सरकार ‘‘बहुत बड़ी विफलता’’ का शिकार है और ‘‘शासन चलाने में पूरी तरह असमर्थ’’ है।

उन्होंने कहा, ‘‘मोदी को अपनी छवि को खास दिखाने, इंस्टाग्राम रील्स और सोशल मीडिया पर छाये रहने की इतनी लत लग गई है कि मोदी-रेखा गुप्ता-एमसीडी की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार को न तो प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में कोई दिलचस्पी है, न ही उनमें ऐसा करने की क्षमता है और न ही वे लोगों की बुनियादी सुरक्षा सुनिश्चित करने की परवाह करते हैं।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा का ‘ट्रिपल इंजन’ भारत की राजधानी को सुनियोजित तरीके से बर्बाद कर रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली के लोगों को फ़ोटो खिंचवाने के मौकों से ज़्यादा असल काम की ज़रूरत है।’’ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने सोमवार को कहा कि मलबे में दबे लोगों की सही संख्या का पता नहीं चल पाया है। एनडीआरएफ के महानिरीक्षक नरेंद्र बुंदेला ने बताया कि बल मलबे में लोगों के बचे होने की आस में कटर, ‘हाइड्रोलिक जैक’ और ‘डॉग स्क्वॉड’ का इस्तेमाल कर रहा है तथा बचाव अभियान के दिन भर चलने की उम्मीद है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।