रांची: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में नौकरी की तलाश कर रहे भारतीय पेशेवरों और युवाओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब वे किसी स्थानीय नियोक्ता या प्रायोजक (स्पॉन्सर) की पूर्व आवश्यकता के बिना सीधे यूएई जाकर रोजगार की तलाश कर सकते हैं। यूएई सरकार द्वारा शुरू की गई ‘जॉब एक्सप्लोरेशन वीजा’ योजना के तहत आवेदकों को उनकी योग्यता और दक्षता के अनुसार 60, 90 या 120 दिनों के लिए देश में रहने की अनुमति दी जाएगी। इस अवधि को लागू नियमों और मंजूरी के आधार पर कुल मिलाकर अधिकतम 180 दिनों तक बढ़ाया भी जा सकता है, जिससे अभ्यर्थियों को सीधे स्थानीय कंपनियों से संपर्क साधने और नौकरी के अवसर तलाशने का पर्याप्त समय मिलेगा।
इस वीजा के लिए न्यूनतम स्नातक स्तर (बैचलर्स डिग्री) या उसके समकक्ष योग्यता वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा मानव संसाधन और अमीरातीकरण मंत्रालय के वर्गीकरण के अनुसार पहले, दूसरे या तीसरे स्तर के पेशेवर तथा विश्व के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों में से बीते दो वर्षों में स्नातक करने वाले मेधावी छात्र भी इसके पात्र होंगे। हालांकि, अभ्यर्थियों के लिए यूएई प्रवास के दौरान अपने रहने-खाने और वापसी के यात्रा खर्च के लिए पर्याप्त वित्तीय साधन होना अनिवार्य किया गया है।
आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल और ऑनलाइन बनाया गया है, जिसके लिए कम से कम छह महीने की वैधता वाला पासपोर्ट, हालिया तस्वीरें और योग्यता प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज आवश्यक होंगे। दुबई के जीडीआरएफए के ऑनलाइन माध्यम या स्वीकृत सहायता केंद्रों के जरिए आवेदन करने के बाद शुल्क भुगतान पूरा होते ही इलेक्ट्रॉनिक वीजा जारी कर दिया जाएगा।

