रांची: रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप विंसेंट आइंद हाल ही में 20 अगस्त से 10 सितंबर तक यूरोप के अध्ययन दौरे पर रहे, जिसके तहत उन्होंने इटली, बेल्जियम और स्विट्जरलैंड का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने 28 अगस्त को रोम (वेटिकन) में पोप फ्रांसिस से मुलाकात की, जिसमें कॉन्फ्रेंस ऑफ कैथोलिक बिशप्स ऑफ इंडिया (सीसीबीआई) के कार्डिनल फिलिप नेरी, आर्चविशप पीटर मचाडो और फादर स्टीफन अलानाड भी मौजूद थे। बैठक के दौरान आर्चविशप आइंद ने पोप को सीबीसीआई और सीसीबीआई के मुद्दों से अवगत कराया और उन्हें भारत आने का आधिकारिक निमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि पोप का भारत दौरा वेटिकन और भारत सरकार के फैसलों पर निर्भर करता है, हालांकि पोप रांची महाधर्मप्रांत के प्रति काफी अच्छी और सकारात्मक राय रखते हैं।
रांची वापस लौटने पर उन्होंने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि उनकी बेल्जियम यात्रा का मुख्य उद्देश्य छोटानागपुर के प्रेरित फादर कॉस्टेंट लीवंस के जीवन से जुड़े स्थानों का दौरा करना था। इस दौरान उन्होंने लीवंस के गांव, पल्ली और उनके द्वारा स्थापित स्कूल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि आगामी दिसंबर महीने में बेल्जियम के छात्रों का एक दल रांची की यात्रा पर आएगा। आर्चविशप ने याद दिलाया कि छोटानागपुर में सबसे पहले बेल्जियम के मिशनरियों ने ही सेवा कार्य शुरू किए थे और आज भी वहां के लोगों के दिलों में हमारे प्रति गहरा जुड़ाव है। इसका जीवंत उदाहरण सेंट जेवियर्स स्कूल, डोरंडा का आउटरीच प्रोग्राम है, जिसमें गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए बेल्जियम से मिलने वाली आर्थिक सहायता का उपयोग किया जाता है।

