

नयी दिल्ली: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने सोमवार को कहा कि यूजीसी-नेट के प्रश्नपत्रों में गंभीर तथ्यात्मक, टाइपिंग, अनुवाद और भाषा संबंधी त्रुटियों के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। संगठन ने कहा कि छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं किया जा सकता।





अभाविप ने एक बयान में यूजीसी-नेट 2026 के अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों की दोबारा परीक्षा कराने को लेकर गंभीर चिंता जताई।
