छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं किया जा सकता, एनटीए को जवाबदेह होना चाहिए: अभाविप

अभाविप ने यूजीसी-नेट 2026 के प्रश्नपत्रों में गंभीर त्रुटियों पर एनटीए को जवाबदेह ठहराने की मांग की और कहा कि छात्रों के भविष्य से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता।

Razi Ahmad
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नयी दिल्ली: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने सोमवार को कहा कि यूजीसी-नेट के प्रश्नपत्रों में गंभीर तथ्यात्मक, टाइपिंग, अनुवाद और भाषा संबंधी त्रुटियों के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। संगठन ने कहा कि छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं किया जा सकता।

अभाविप ने एक बयान में यूजीसी-नेट 2026 के अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों की दोबारा परीक्षा कराने को लेकर गंभीर चिंता जताई।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।