
डेस्क : उज्ज्वला योजना के लाभुकों को बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार ने PMUY के लाभार्थियों के लिए रियायती सिलेंडरों की संख्या में कटौती कर दी है। इसके साथ ही सब्सिडी से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को साल में केवल पहले चार रिफिल पर ही प्रति सिलेंडर 300 रुपये का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) मिलेगा। मंत्रालय का कहना है कि योजना से जुड़े एक सामान्य परिवार की औसत वार्षिक खपत करीब चार रिफिल की होती है। इससे पहले लाभार्थियों को साल में नौ रिफिल तक यह लाभ मिलता था।
9 से घटाकर 4 किए गए रियायती सिलेंडर
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अब तक लाभार्थियों को साल में 9 रियायती एलपीजी सिलेंडरों का लाभ मिलता था। सरकार ने अब इस संख्या को घटाकर केवल 4 कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह फैसला वित्तीय सहायता को वास्तविक घरेलू खपत के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खानूजा ने बताया कि नई पात्रता उज्ज्वला परिवारों की औसत वार्षिक गैस खपत को ध्यान में रखकर तय की गई है।
2016 में शुरू हुई योजना का समय के साथ घटता गया कोटा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2016 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना था। योजना की शुरुआत में लाभार्थियों को सालाना 12 रियायती 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर दिए जाते थे। बाद में यह संख्या घटाकर 9 कर दी गई और अब इसे कम करके 4 कर दिया गया है। उज्ज्वला योजना के तहत सरकार एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी भी देती है। मई 2022 में सरकार ने 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 200 रुपये की सब्सिडी शुरू की थी। इसके बाद अक्टूबर 2023 में इसे बढ़ाकर 300 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया गया। यह सब्सिडी हर रिफिल खरीदने के बाद सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा की जाती है।
अब उज्ज्वला लाभार्थियों को कितना चुकाना होगा?
300 रुपये की सब्सिडी को जोड़कर देखें तो उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को पहले चार रिफिल के लिए प्रति सिलेंडर 642 रुपये का भुगतान करना होगा।

