आयुर्वेद के वैज्ञानिक सत्यापन से मरीजों का भरोसा बढ़ेगा : उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आयुर्वेदिक दवाओं की प्रभावशीलता और कार्यप्रणाली के वैज्ञानिक सत्यापन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शोध से मरीजों का भरोसा और वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ेगी।

Archana Ekka
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नयी दिल्ली : उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बृहस्पतिवार को कहा कि आयुर्वेदिक दवाओं के काम करने के तरीके और उनके असर दिखाने में लगने वाले समय को समझने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूत किया जाना चाहिए, क्योंकि साक्ष्यों के आधार पर पुष्टि होने से मरीजों का भरोसा बढ़ेगा और पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर अधिक स्वीकार्यता मिलेगी।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) द्वारा आयोजित ‘कौमारकोन 2026’ (कौमारभृत्य पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन) को संबोधित करते हुए, उन्होंने छात्रों और अनुसंधानकर्ताओं से आग्रह किया कि वे आयुर्वेदिक उपचारों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने और वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से उनकी प्रभावशीलता को प्रमाणित करने में गहरी रुचि लें।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।