पाकिस्तान के पेशावर में निजी स्कूल की छत गिरने से 34 छात्रों एवं एक शिक्षक की मौत

पाकिस्तान के पेशावर में निजी स्कूल की छत गिरने से 34 विद्यार्थियों और एक शिक्षिका की मौत हो गई। हादसे में 40 से अधिक लोग घायल हुए, जांच जारी है।

Archana Ekka
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पेशावर : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में बृहस्पतिवार को एक निजी स्कूल की छत गिरने से कम से कम 34 बच्चों और एक शिक्षिका की मौत हो गई । अस्पताल के अधिकारियों एवं पुलिस ने इसकी जानकारी दी। पेशावर के पुलिस प्रमुख मियां सईद ने बताया कि हादसा शहर के भीतरी इलाके दीर कॉलोनी में हुआ। उन्होंने कहा कि तीन मंजिला स्कूल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत की छत का निर्माण ठीक से नहीं किया गया था। स्कूल का संचालन एक शैक्षणिक न्यास के तहत किया जा रहा था। सईद के मुताबिक, स्कूल में कुल 110 बच्चे नामांकित थे और हादसे के समय ऊपरी मंजिल की कक्षाओं में 30 विद्यार्थी मौजूद थे।

लेडी रीडिंग अस्पताल (एलआरएच) के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने बताया कि मृतकों में 34 विद्यार्थी शामिल हैं, जिनमें छह लड़कियां हैं। हादसे में एक शिक्षिका की भी मौत हुई है। घायलों में 20 विद्यार्थियों सहित 40 से अधिक लोग शामिल हैं। मृत बच्चों की उम्र 13 वर्ष या उससे कम है। घायलों के उपचार के लिए अस्पताल में आपात स्थिति घोषित कर दी गई। पेशावर के उपायुक्त अफाक वजीर ने बताया कि मलबे में फंसे सभी लोगों को निकाल लिया गया है। उन्होंने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। प्रांतीय शिक्षा सचिव इनायतुल्लाह वसीम ने निजी स्कूल नियामक प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक को शुक्रवार तक हादसे पर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।

पुलिस प्रमुख ने बताया कि इमारत संकरी गलियों में स्थित थी, जिससे बचाव अभियान में कठिनाई हुई। अधिकारियों की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि निर्माण के दौरान किन नियमों का उल्लंघन हुआ। लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने के वास्ते विस्तृत जांच भी की जाएगी। बचाव दल मलबा हटाने और यह सुनिश्चित करने में जुटे रहे कि कोई बच्चा या स्कूल कर्मचारी मलबे के नीचे न फंसा हो। खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस महानिरीक्षक जुल्फिकार हमीद ने पेशावर के मुख्य यातायात अधिकारी को एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने का निर्देश दिया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हादसे में लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए अधिकारियों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

नेशनल असेंबली के अध्यक्ष सरदार अयाज सादिक ने भी शोक संतप्त परिवारों के प्रति एकजुटता जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। राज्यपाल फैसल करीम कुंडी ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों से हादसे के कारणों का पता लगाने को कहा। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी बच्चों की मौत पर शोक जताया और कहा कि वह इस दुखद खबर से स्तब्ध हैं। पाकिस्तान में इमारतों और उनकी छतों के गिरने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। इनके लिए आम तौर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को जिम्मेदार ठहराया जाता है।

जुलाई में सिंध प्रांत के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की बाहरी दीवार का हिस्सा गिरने से तीन लड़कियों की मौत हो गई थी। उनकी उम्र तीन से 13 वर्ष के बीच थी। इसी महीने लाहौर में एक निर्माणाधीन निजी स्कूल की छत गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई थी और पांच अन्य लोग घायल हुए थे। जून में लाहौर के एक निजी ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की मौत हो गई थी। इससे दो महीने से भी कम समय पहले डेरा गाजी खान जिले के एक निजी स्कूल की कक्षा की छत गिरने से चार बच्चों की मौत हुई थी और 20 लोग घायल हुए थे।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।