पश्चिम बंगाल में देश की 16वीं जनगणना के तहत स्व-गणना अभ्यास शुरू

पश्चिम बंगाल में देश की पहली डिजिटल जनगणना के तहत स्व-गणना शुरू हुई। शुभेंदु अधिकारी ने ऑनलाइन फॉर्म भरकर लोगों से प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की।

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कोलकाता: देश की 16वीं जनगणना के तहत स्व-गणना अभ्यास शनिवार को पश्चिम बंगाल में शुरू हुआ और पहले ही दिन मुख्यमंत्री शुभेदु अधिकारी ने डिजिटल माध्यम से अपना फॉर्म भरा। इस जनसंख्या सर्वेक्षण के पहले चरण के तहत पोर्टल एक अगस्त से 15 अगस्त तक खुला रहेगा और इस दौरान लोग आधिकारिक वेबसाइट पर अपना विवरण अपलोड कर सकते हैं। इसके बाद 16 अगस्त से 14 सितंबर तक मकानों की सूची बनाने का कार्य किया जाएगा। इस अभ्यास को देश की पहली ‘‘शत प्रतिशत डिजिटल’’ जनगणना बताते हुए शुभेंदु ने पश्चिम बंगाल के लोगों से इस सर्वेक्षण में भाग लेने और अधिकारियों का सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पश्चिम बंगाल के प्रत्येक व्यक्ति से आग्रह करता हूं कि वे इस प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का सहयोग करें और इस जनगणना में स्व-गणना के माध्यम से भाग लें।’’

गोपनीयता संबंधी चिंताओं को दूर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना ‘‘पूर्णतः गोपनीय’’ है और इसे कानूनी संरक्षण प्राप्त है। शुभेंदु ने कहा, ‘‘एकत्र किए गए डेटा का उपयोग केवल सांख्यिकी, नियोजन और विकास के लिए किया जाएगा। इस जनगणना में व्यक्तिगत जानकारी के किसी भी प्रकार के दुरुपयोग की कोई गुंजाइश नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं पश्चिम बंगाल के प्रत्येक व्यक्ति से आग्रह करता हूं कि वे संबंधित अधिकारियों का सहयोग करें और इस प्रक्रिया में भाग लें।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार अंतिम जनगणना डेटा दर्ज हो जाने के बाद, लोगों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

शुभेंदु ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया और मतदाताओं की एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट) सूची को लेकर जताई जा रही चिंताओं पर बात करते हुए कहा कि सूची में शामिल कई लोगों ने इसे चुनौती नहीं दी है। उन्होंने कहा, ‘‘एसआईआर न्यायाधिकरण के समक्ष जाने का अवसर प्राप्त करने वाले 27 लाख लोगों में से केवल सात लाख ने आवेदन किया है। शेष लोगों ने अब तक कोई आवेदन या अपील प्रस्तुत नहीं की है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पूरी होने से पहले यह तय करना संभव नहीं होगा कि जिन लोगों ने मतदाता के रूप में कोई दावा प्रस्तुत नहीं किया है, वे बाद में भारतीय नागरिक के रूप में मान्यता पाने का दावा करेंगे या नहीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना अभ्यास और अवैध प्रवास का मुद्दा दोनों अलग-अलग विषय हैं। इस दौरान शुभेंदु ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उस पर जनगणना प्रक्रिया में देरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘पूर्ववर्ती सरकार की (केंद्र के साथ सहयोग करने की) अनिच्छा के कारण हम देश के बाकी हिस्सों से काफी पीछे छूट गए थे। लेकिन सत्ता में आने के बाद हमने इसे (जनगणना को) सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।”

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।