पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा और टीएमसी आमने-सामने

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले टीएमसी और बीजेपी आमने-सामने, हिंसा के आरोप-प्रत्यारोप तेज, अभिषेक बनर्जी और अमित मालवीय के बयानों से सियासी माहौल गरमाया।

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता पक्ष तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) क़ानून व्यवस्था को लेकर आमने-सामने हैं। टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी एक वीडियो शेयर करते हुए निर्वाचन आयोग और बीजेपी पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। इस वीडियो में कुछ लोग धार्मिक नारे लगाते हुए तोड़फोड़ करते नज़र आ रहे हैं।

अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर लिखा कि यह वही ‘परिवर्तन’ है जिसे बीजेपी बंगाल की धरती पर थोपना चाहती है। चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद निर्वाचन आयोग ने व्यापक प्रशासनिक बदलाव शुरू किए। मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, एडीजी, आईजी, एसपी, डीएम, कोलकाता पुलिस आयुक्त और यहां तक कि केएमसी आयुक्त तक को बदल दिया गया। ऐसे अभूतपूर्व हस्तक्षेप, उनके इरादे और समय को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

वहीं, बीजेपी आईटी सेल के प्रभारी और पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने भी एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए टीएमसी को निशाने पर लिया था। अमित मालवीय ने कहा कि राम नवमी के मौक़े पर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले में जंगीपुर की सड़कों पर निकाले गए जुलूसों के दौरान व्यापक हिंसा भड़क उठी। इस ज़िले में 70 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी है। ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के कई सीमावर्ती ज़िलों को ऐसे इलाक़ों में बदल दिया है जहां हिंदू ख़ुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है और चुनाव के नतीजे चार मई को आएंगे।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।