हमेशा के लिए ‘मस्से’ की समस्या कर देंगे दूर, आजमा के देख लें ये घरेलू नुस्खे

मस्सा, त्वचा की बाहरी परत पर एक मोटी और कठोर गांठ जैसा होता है

लाइफस्टाइल डिजिटल: मस्से की समस्या, जो आपकी खूबसूरती पर दाग के समान होते हैं। ये देखने में बेहद भद्दे लगते हैं। गलत खान-पान, दूषित वातावरण और आसपास की गंदगी के कारण कई बैक्टीरिया और वायरस पैदा हो जाते हैं।

इन बैक्टीरिया और वायरस की वजह से कई बीमारियां और समस्याएं देखने में आती हैं। उनमें से कुछ तो ठीक हो जाती हैं, लेकिन कुछ लंबे समय के लिए शरीर में घर कर जाती हैं। हम मस्सों के कारण और मस्से के घरेलू इलाज क्या हैं, इसके बारे में चर्चा करेंगे।

मस्सा क्या है ? 

मस्सा, त्वचा की बाहरी परत पर एक मोटी और कठोर गांठ जैसा होता है। ये शरीर पर कहीं भी विकसित हो सकते हैं। हाथ और पैरों की त्वचा पर इनके विकसित होने की आशंका ज्यादा होती है।

ये त्वचा पर ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (Human Papilloma Virus) यानी एचपीवी संक्रमण के कारण होते हैं। खास बात यह है कि बेशक ये गांठ जैसे होता हैं, लेकिन कैंसर का कारण नहीं बनते हैं।

मस्सा के प्रकार 

कॉमन मस्सा (Common warts): यह मस्सा सुई की नोक से लेकर मटर के आकार तक का हो सकता है। यह अक्सर हाथों, उंगलियों, नाखूनों के आसपास की त्वचा और पैरों पर पाया जाता है।

इन मस्सों को छूने पर खुरदरा सा अहसास हो सकता है। आमतौर पर यह मस्सा हाथों के पीछे, नासूनों के आसपास की त्वचा या तो उंगलियों और पैरों पर पाया जा सकता है।

प्लांटार मस्सा (Plantar warts): प्लांटार मस्से आकार में काफी बड़ा हो सकता है। यह ज्यादातर पैरों की एड़ियों और तलवों पर होता है। हालांकि, पैरों के तलवे पर व्यक्ति के शरीर का दबाव पड़ता है, इसलिए यह मस्सा बाकी अन्य मस्सों के मुकाबले बाहर की ओर नहीं बढ़ पाता है।

खड़े और चलने पर यह तलवे के अंदर की ओर दबता है। इस दबाब के कारण यह तलवे पर दर्द उत्पन्न कर सकता है या, तो तलवे की उस जगह की त्वचा को सॉफ्ट कर सकता है। ऐसे में इस तरह के मस्से की बीमारी का इलाज करना थोड़ा मुश्किल होता है।

मोजेक मस्सा (Mosaic warts): यह छोटे आकार का सफेद रंग का मस्सा होता है। यह आमतौर पर पैरों की उंगलियों के नीचे पाया जाता है, जो पूरे पैर में फैल सकता है।

मोजेक मस्सा प्लांटार मस्सा के मुकाबले थोड़ा फ्लेट होता है। ऐसे में चलने फिरने में इस तरह के मस्से के कारण कभी भी किसी भी तरह का दर्द महसूस नहीं हो सकता है।

फिलीफॉर्म मस्सा (Filiform warts): यह धागे जैसा पतला और आगे से नुकीला होता है। यह मुख्य रूप से चेहरे पर होता है। चेहरे पर होने के कारण यह ज्यादा परेशान कर सकता है।

फ्लैट मस्सा (Flat warts): यह हल्के भूरे रंग का होता है और आमतौर पर चेहरे, माथे व गाल पर पाया जाता है। यह अंडरआर्म्स पर भी हो सकता है।

जेनिटल मस्सा (Genital warts): ये मस्सा जननांग पर बैक्टीरिया के कारण होता है। यह मस्सा छोटी कठोर गांठ जैसा नजर आता है।

मस्सा के कारण 

मस्सा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) संक्रमण के कारण होता है। यह वायरस 100 से अधिक प्रकार का होता है, जो त्वचा में छोटे-छोटे कट के माध्यम से प्रवेश कर सकता है और अतिरिक्त कोशिकाओं की वृद्धि का कारण बन सकता है।

इससे त्वचा की बाहरी परत मोटी और सख्त हो जाती है, जो मस्सा का रूप ले लेता है। एचपीवी वायरस से प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी यह हो सकता है।

दूसराें का तौलिया या फिर रेजर इस्तेमाल करना भी मस्सा होने का कारण बन सकता है। घाव वाली त्वचा के संक्रमित होने से भी इसके होने की आशंका अधिक हो जाती है।

मस्सा के कारण 

मस्सा के लक्षण

त्वचा के ऊपर गांठ जैसा दिखाई देना।
त्वचा के ऊपर गहरे रंग के धब्बे या तिल जैसे निशान बनना।
त्वचा पर अलग-अलग प्रकार के रंग का होना।
मस्से पर काले धब्बों की उपस्थिति, रक्त वाहिकाओं को बंद कर सकती है।
त्वचा पर बनी हुई गांठ मुलायम या फिर खुरदरी होना भी मस्से के लक्षण हो सकते हैं।

मस्सा के लिए कुछ घरेलू उपाय

त्वचा पर मस्से का होना परेशानी का विषय बन सकता है। इससे पीड़ित लोग अगर मस्सा हटाने का उपाय खोज रहे हैं, तो चिंता न करें। यहां पर हम कुछ आसान से मस्सों का घरेलू उपचार बताने जा रहे हैं। इनके जरिए मस्से हटाने की विधि बताने जा रहे हैं।

नोट: इन मस्सा हटाने के उपाय का उपयोग जेनिटल मस्से के लिए न करें। अगर जेनिटल मस्सा है, तो इसके इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

साथ ही इन घरेलू नुस्खों को उपयोग करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है, क्योंकि कुछ लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है और इनमें से कुछ घरेलू नुस्खों से उन्हें एलर्जी हो सकती है।

लहसुन से मस्से का इलाज

1. लहसुन से मस्से का इलाज

सामग्री

1-2 लहसुन की कलियां

कैसे करें इस्तेमाल

लहसुन को कुचल कर एक पेस्ट बना लें।
इस पेस्ट को मस्से से प्रभावित स्थान पर लगाएं।

कब करें उपयोग

इसे दिन में दो से तीन बार उपयोग कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद

मसा के घरेलू उपचार की बात करें, तो लहसुन का इस्तेमाल कारगर माना जा सकता है। दरअसल, लहसुन में एंटीवायरल और एंटी कार्सिनोजेनिक गुण पाए जाते हैं।

ये गुण वायरल से संक्रमित कोशिकाओं के प्रसार को रोक सकते हैं। इस प्रकार लहसुन मस्सा का कारण बनने वाले वायरल संक्रमण का इलाज करने में मददगार हो सकता है।

अरंडी का तेल

2. अरंडी का तेल

सामग्री

1 चम्मच अरंडी का तेल
2-3 बूंदें एसेंशियल ऑयल

कैसे करें इस्तेमाल

एक कटोरी में एसेंशियल ऑयल की दो से तीन बूंदों के साथ एक चम्मच अरंडी का तेल मिलाएं।
इसे कॉटन की सहायता से मस्से पर लगाएं।
इसे कुछ देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें और फिर पानी से धो लें।

कब करें उपयोग

इसका उपयोग सुबह नहाने से पहले और रात को सोने से पहले कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद

अरंडी का तेल मस्से हटाने की दवा के रूप में लाभकारी साबित हो सकता है। एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि अरंडी के तेल में पाए जाने वाला एंटीवायरल गुण मस्से के बैक्टीरिया को रोकने और उसे समाप्त करने में मदद कर सकता है।

एंटीवायलर गुण मस्से और इससे फैलने वाले ह्यूमन पेपिलोमा वायरस को दूर करने के लिए एक कारगर घटक हो सकता है। ऐसे में कहा जा सकता है कि अरंडी का तेल का उपयोग मस्सों के घरेलू उपचार के तौर पर किया जा सकता है।

सिरके से मस्से का इलाज

3. सिरके से मस्से का इलाज

सामग्री

2 चम्मच सिरका
एक कॉटन बॉल

कैसे करें इस्तेमाल

सिरके में कॉटन को भिगोकर प्रभावित स्थान पर लगाएं।
इसे कुछ देर ऐसे ही लगा रहने दें।

कब करें उपयोग

इसका उपयोग दिन में एक बार कभी भी कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद

मस्से की बीमारी का इलाज सिरके का उपयोग करके भी किया जा सकता है। दरअसल, सिरके में मौजूद असेटिक एसिड बैक्टीरिया द्वारा बढ़ने वाले संक्रमण को फैलने नहीं देता।

इसे मस्से पर लगाने से जल्दी ही फायदा हो सकता है (8)। ऐसे में कहा जा सकता है कि मस्सा हटाने का उपाय अपनाते वक्त सिरके का इस्तेमाल करना लाभदायक हो सकता है।

एलोवेरा

4. एलोवेरा

सामग्री

1 चम्मच एलोवेरा का गूदा

कैसे करें इस्तेमाल

एलोवेरा के गूदे को मस्से वाले स्थान पर लगाकर कुछ देर के लिए हल्के-हल्के हाथों से मसाज करें।
इसके बाद थोड़ी देर तक उसे ऐसे ही छोड़ दें और फिर धो लें।

कब करें उपयोग

इसका उपयोग रोजाना कभी भी कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद

मस्से हटाने की दवा के रूप में एलोवेरा का इस्तेमाल गुणकारी हो सकता है। एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, एलोवेरा में एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं, जो मस्से का कारण बनने वाले वायरल संक्रमण को न सिर्फ रोक सकते हैं, बल्कि उन्हें समाप्त करने में मदद भी कर सकते हैं । ऐसे में कहा जा सकता है कि मस्से की बीमारी का इलाज में एलोवेरा का उपयोग किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद

5. बेकिंग सोडा से मस्से का इलाज

सामग्री

2 चम्मच बेकिंग सोडा
1 चम्मच एसेंशियल ऑयल

कैसे करें इस्तेमाल

दोनों सामग्रियों को एक साथ मिलाकर पेस्ट तैयार करें।
फिर इस पेस्ट को मस्से पर लगाएं।
कुछ देर बाद इसे साफ कर लें।

कब करें उपयोग

इस विधि का प्रयोग हफ्ते में दो से तीन बार कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद

मस्सों के घरेलू उपचार में एक नाम बेकिंग सोडा का भी माना जा सकता है। जैसा कि ऊपर लेख में बताया जा चुका है कि मस्सा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) संक्रमण के कारण हो सकता है।

माना जाता है कि बेकिंग सोडा जिसे सोडियम बायकार्बोनेट भी कहा जाता है, इस समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। फिलहाल, इस संबंध में और वैज्ञानिक शोध किए जाने की आवश्यकता है।

कैसे है फायदेमंद

6. नींबू

सामग्री

1 चम्मच नींबू का रस
2 चम्मच पानी
कॉटन बॉल

कैसे करें इस्तेमाल

नींबू के रस को पानी में मिलाएं।
इस मिश्रण को मस्से पर कॉटन के द्वारा लगा सकते हैं।
कुछ देर इसे लगा रहने दें और फिर इसे धो लें।

कब करें उपयोग

इसका उपयोग कभी भी कर सकते हैं। सुबह नहाने से पहले इसका उपयोग करना फायदेमंद हो सकता है।

कैसे है फायदेमंद

मस्से के मसले को सुलझाने के लिए नींबू बहुत ही काम की चीज हो सकती है। दरअसल, इसमें साइट्रिक एसिड पाया जाता है, जिसमें एंटी बैक्टीरियल गुण होता है। यह मस्से को दूर करने में अहम भूमिका निभा सकता है (11)।

केला के छिलके से मस्से का इलाज

7. केला के छिलके से मस्से का इलाज

सामग्री

एक पके केले का छिल्का

कैसे करें इस्तेमाल

केले के छिल्के को मस्से पर 5 से 10 मिनट तक रख सकते हैं।

कब करें उपयोग

इसका उपयोग दो दिन में एक बार कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद

केला खाने के बाद अक्सर लोग उसके छिल्के को फेंक देते होंगे, लेकिन क्या यह बात जानते हैं कि केले का छिल्का भी बहुत गुणकारी होता है।

इसमें एंटीवायरल और एंटी बैक्टीरियल के साथ ही एंटी माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। केले के छिल्के में पाए जाने वाले ये गुण मस्से को दूर करने के लिए रामबाण साबित हाे सकते हैं।

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