शोधार्थी योगेश कुमार की पुस्तक आदिवासियों की परंपरागत न्याय व्यवस्था वाणी प्रकाशन से प्रकाशित

शोधार्थी योगेश कुमार की पुस्तक ‘आदिवासियों की परंपरागत न्याय व्यवस्था’ को कोल्हान विश्वविद्यालय के बीए नए सिलेबस में शामिल किया गया, पुस्तक में आदिवासी शासन व्यवस्था का विवरण है

1 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची : शोधार्थी योगेश कुमार की पुस्तक आदिवासियों की परंपरागत न्याय व्यवस्था को वाणी प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। पुस्तक को कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा, में बी.ए. के नये सिलेबस में शामिल है। योगेश ने बताया कि झारखंड के क्षेत्रीय इतिहास में आदिवासी समुदायों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है । इस किताब में उनके परंपरागत न्याय और व्यवस्था शासन का विवरण दिया गया है। उन्होंने वाणी प्रकाशन के प्रति इस पुस्तक को प्रकाशित करने के लिए आभार प्रकट किया है।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।