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सेना में भर्ती होने के लिए लिखित परीक्षा की तैयारी में जुटा था सिकंदराबाद फायरिंग में मारा गया युवक

राकेश, जो हनमकोंडा में स्नातक के अंतिम वर्ष में था, छह महीने पहले सेना भर्ती के लिए चुना गया था और फिलहाल वह लिखित परीक्षा की तैयारी कर रहा था

हैदराबाद: नई सशस्त्र सेना भर्ती योजना (Army Recruitment Scheme) अग्निपथ के विरोध में सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर पुलिस फायरिंग में मारा गया युवक सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था।किसान का बेटा 22 वर्षीय डी. राकेश तेलंगाना के वारंगल जिले के दबीरपेट गांव का रहने वाला था।

राकेश, जो हनमकोंडा में स्नातक के अंतिम वर्ष में था, छह महीने पहले सेना भर्ती के लिए चुना गया था और फिलहाल वह लिखित परीक्षा की तैयारी कर रहा था।उसके घर में माता-पिता के अलावा एक भाई और एक बहन हैं। बताया जा रहा है कि उसकी बहन सेना में कार्यरत है।

राकेश उन युवाओं में से एक था, जो शुक्रवार सुबह तेलंगाना के विभिन्न हिस्सों से सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पहुंचे थे और नई योजना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।

सेना में शामिल होने की उनकी उम्मीदों पर पानी

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस नई योजना से सेना में शामिल होने की उनकी उम्मीदों पर पानी फिर जाएगा।प्रदर्शनकारियों ने हिंसा का सहारा लिया, ट्रेनों और अन्य रेलवे के सामानों में आग लगा दी और स्टेशन में तोड़फोड़ भी की।

स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए रेलवे पुलिस (Railway Police) ने फायरिंग की। गोली लगने से घायल राकेश को गंभीर हालत में गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने उसे बचाने के लिए सीपीआर की कोशिश की लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

राकेश की मौत ने उनके पिता किसान कुमारस्वामी, मां पूलम्मा और परिवार के अन्य सदस्यों को झकझोर दिया है। वे खबर सुनने के बाद हैदराबाद पहुंचे।गांधी अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद अधिकारियों ने शव उनके परिजनों को सौंप दिया है।

इसके अलावा 12 अन्य घायलों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने कहा कि वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन्हें ये गोलियां लगी हैं या नहीं।

पड़ोसी प्रदेश आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh) के कुरनूल के रहने वाले जगन्नाथ रंगास्वामी को छोड़कर सभी घायल तेलंगाना के हैं।

इनकी पहचान के. राकेश (करीमनगर), जे. श्रीकांत (महबूबनगर), जी. परशुराम (कामारेड्डी), ए. कुमार (वारंगल), पी. मोहन (कामारेड्डी), नरेंद्र बाबू (खम्मम), एल. विनय (महबूबनगर), विद्या सागर (आसिफाबाद), महेश (विकाराबाद), लक्ष्मण रेड्डी (नलगोंडा), और भरत (निर्मल) के रूप में हुई है।