पलामू में ब्रोकली की खेती कर आत्मनिर्भर बन रहे किसान

News Aroma Media
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मेदिनीनगर: पलामू प्रमंडल में किसान सब्जियों की खेती से अपनी जीवन बदलने में जुटे हैं। गोभी, आलू, बोदी, नेनुआ, कद्दू करैला आदि सब्जियों की बातें करें या सब्जी की अन्य उन्नत फसल की।

पलामू के किसान सब्जियों की पारंपरिक खेती के साथ-साथ ब्रोकली जैसे उन्नत एवं पौष्टिकता वाली सब्जियों की खेती कर सबल हो रहे हैं।

पलामू के खनवा गांव निवासी विजय महतो, उमेश महतो सहित दर्जनों किसान ब्रोकली की खेती कर अपनी अलग पहचान बनायें हैं। ।

किसानों ने बताया कि वे सामान्य गोभी की खेती करते थे और वतर्मान में भी इसकी खेती कर रहे हैं। लेकिन अधिक मुनाफा ब्रोकली से होती है।

बाजार में जहां सामान्य फूल गोभी 20-25 रूपये किलो की दर से बिक्री होती है। वहीं ब्रोकली 40-50 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक्री होती है।

ब्रोकली भी गोभी वर्गीय सब्जी है। सामान्य फूल गोभी की तरह ही इसकी खेती भी तैयार होता है, लेकिन इससे अधिक मुनाफा होता है। इसकी खेती से आर्थिक आमदनी मजबूत हुआ है।

आयुक्त जटा शंकर चौधरी ने पलामू प्रमंडल में ब्रोकली की खेती कर रहे किसानों के कार्यो की सराहना की। उन्होंने कहा कि ब्रोकली की खेती अन्य राज्यों की तरह झारखंड में भी हो रही है।

पलामू के किसानों द्वारा इसकी खेती की जा रही है। ब्रोकली गोभीवर्गीय एक तरह की सब्जी है। इसमें पोष्टिक तत्व ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। बाजार में इसकी कीमत भी अच्छी होती है।

सामान्य गोभी की अपेक्षा ब्रोकली की खेती करने वाले किसानों को अच्छी आमदनी होती है। इसकी अधिक मूल्य मिलता है और पैदावार भी अधिक होती है।

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