ज्ञानवापी मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट के बाद अलर्ट मोड में पुलिस, 839 पेज की…

ज्ञानवापी की सर्वे रिपोर्ट (Survey Report) सार्वजनिक होने के बाद पुलिस काफी अलर्ट मोड (Alert Mode) पर आ गई है। पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ने निर्देशित किया कि चेकिंग अभियान में सतर्कता बरती जाए।

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Gyanvapi Mosque Survey Report: ज्ञानवापी की सर्वे रिपोर्ट (Survey Report) सार्वजनिक होने के बाद पुलिस काफी अलर्ट मोड (Alert Mode) पर आ गई है। पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ने निर्देशित किया कि चेकिंग अभियान में सतर्कता बरती जाए।

आज गणतंत्र दिवस (Republic Day) के साथ ही जुमे की नमाज है। इसे लेकर कमिश्नरेट की पुलिस और LIU को अधिक अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गंभीरता से नजर रखी जा रही

पुलिस सूत्रों की मानें तो सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर गंभीरता से नजर रखी जा रही है। कोई भी अफवाह फैला कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास करे तो उसका तत्काल खंडन कर संबंधित के खिलाफ प्रभावी तरीके से निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।

दरअसल, ज्ञानवापी परिसर की भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सर्वे रिपोर्ट बुधवार को मुकदमे के पक्षकारों ने सार्वजनिक कर दी। सर्वे के दौरान 32 जगह मंदिर से संबंधित प्रमाण मिले हैं। पक्षकारों ने जो सर्वे रिपोर्ट दी है, वह 839 पेज की है।

सर्वे से साबित हो गया कि ज्ञानवापी बड़ा हिंदू मंदिर था

जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने बुधवार को ज्ञानवापी की Survey Report हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों को देने का आदेश दिया था। इसकी कॉपी पक्षकारों को गुरुवार को कोर्ट से मिली है।

इसके बाद हिंदू पक्ष की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने पत्रकारों से बात की और कहा कि सर्वे से साबित हो गया कि ज्ञानवापी बड़ा हिंदू मंदिर था। उसे तोड़कर मस्जिद का रूप दिया गया। अब सील वजूखाने के सर्वे का अनुरोध किया जाएगा।

5 जनवरी को कोर्ट में सुनवाई हुई

ज्ञात हो कि 18 दिसंबर को ASI ने कोर्ट में सील बंद लिफाफे में स्टडी रिपोर्ट सौंपी थी। इसी दिन हिंदू पक्ष ने कोर्ट से सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की थी। लेकिन मुस्लिम पक्ष ने इस पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, बाद में मुस्लिम पक्ष ने भी कोर्ट से कॉपी सौंपने की मांग की जिस पर 3 जनवरी को सुनवाई होनी थी।

हालांकि, उस दिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद 5 जनवरी को कोर्ट में सुनवाई हुई। लेकिन कोई फैसला नहीं आया। इसके बाद 24 जनवरी की सुनवाई में कोर्ट ने सर्वे रिपोर्ट की Hard Copy दोनों पक्षों को देने को लेकर फैसला सुनाया।

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