
Rupesh Pandey Murder Case: बहुचर्चित रूपेश पांडेय हत्याकांड में रांची स्थित CBI Court ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया है।
दोषियों की सजा के बिंदु पर 5 फरवरी को विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई होगी।
दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में राहत
कोर्ट ने मामले के दो अन्य आरोपियों मो. इरफान और इश्तेकार मियां को ठोस सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
वहीं, एक नाबालिग आरोपी (Minor Accused) का मामला अभी भी जेजे बोर्ड में लंबित है, जहां उसकी अलग से सुनवाई चल रही है।
CBI ने पेश किए 15 गवाह
मामले की सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI ) की ओर से अदालत में कुल 15 गवाहों को प्रस्तुत किया गया। फैसले के समय सभी अभियुक्तों को जेल से Video Conferencing के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया।
हाईकोर्ट के आदेश पर हुई थी CBI जांच
उल्लेखनीय है कि मृतक की मां की याचिका पर Jharkhand High Court के न्यायमूर्ति एस.के. द्विवेदी की अदालत ने 2 सितंबर 2022 को मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच का आदेश दिया था।
2022 की घटना, पूजा विसर्जन के दौरान हुई हत्या
घटना 6 फरवरी 2022 की है। शाम करीब पांच बजे रूपेश पांडेय अपने चाचा के साथ बरही में सरस्वती पूजा विसर्जन जुलूस देखने गए थे।
इसी दौरान भीड़ ने उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उनकी मौत हो गई। इस मामले में बरही थाना में कांड संख्या 59/2022 के तहत 27 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
यह फैसला न्याय प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

