

Major change in Chakradharpur Railway Division: चक्रधरपुर रेल मंडल में रेल सुरक्षा और विकास को लेकर एक अहम फैसला लिया गया है।





मंडल प्रशासन (Divisional Administration) ने हाथियों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने और रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की है।
इसका मकसद वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ रेल संचालन को और बेहतर बनाना है।
हाथियों के लिए बनेंगे एलिफेंट कॉरिडोर
रेल मंडल ने जानकारी दी है कि हाथियों को रेलवे ट्रैक पार करने से रोकने के लिए कुल 7 एलिफेंट कॉरिडोर यानी अंडरपास बनाए जाएंगे।
इसके लिए जगहों का चयन पहले ही कर लिया गया है।
इसके अलावा कुछ स्थानों पर ओवरपास भी बनाए जाएंगे, ताकि हाथी बिना खतरे के एक इलाके से दूसरे इलाके में जा सकें। इससे हाथियों की जान बचाने में मदद मिलेगी और Train हादसों में भी कमी आएगी।
AI कैमरे और ATP सिस्टम
हाथियों की निगरानी के लिए एआई आधारित कैमरे लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसे जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। वहीं ट्रेनों की टक्कर रोकने के लिए Automatic train Protection (ATP) सिस्टम पर काम चल रहा है।
यह काम साल 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य है। इसके पूरा होने से रेल नेटवर्क पर दुर्घटनाएं लगभग शून्य होने की उम्मीद है।
फ्रेट कॉरिडोर से बढ़ेगा लाभ
East-West Freight Corridor से चक्रधरपुर रेल मंडल को काफी फायदा मिलेगा। इससे मौजूदा रेलवे ट्रैक पर दबाव कम होगा और अधिक मालगाड़ियों का संचालन संभव हो सकेगा।
इससे मंडल को आर्थिक रूप से भी लाभ मिलेगा। फ्रेट कॉरिडोर के लिए 22 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है और दूसरे स्थानों पर भी इसके लिए चयन किया जाएगा।
नई रेल लाइन से बढ़ेगी रफ्तार
आदित्यपुर से सलगाझड़ी तक तीसरी नई रेल लाइन का काम तेजी से चल रहा है, जो जून तक पूरा होने की उम्मीद है।
इसके साथ ही चौथी रेल लाइन को भी मंजूरी दी जाएगी। इससे ट्रेनों का परिचालन और तेज होगा और यात्रियों व व्यापार दोनों को फायदा मिलेगा।
यह सभी योजनाएं मिलकर चक्रधरपुर रेल मंडल को सुरक्षित, आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होंगी।
