ज्ञान प्रदाता ही नहीं, बल्कि मार्गदर्शक एवं राष्ट्रनिर्माता की भूमिका निभाएं शिक्षक : राहुल पुरवार

राहुल पुरवार ने शिक्षकों को राष्ट्रनिर्माता बनने का संदेश दिया, कहा युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे सही दिशा और कौशल से सशक्त बनाना जरूरी है।

Archana Ekka
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Rahul Purwar: झारखंड की युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे सही दिशा और कौशल से सशक्त करना आवश्यक है। शुक्रवार को ये बातें प्रधान सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग-सह-अध्यक्ष राहुल पुरवार ने कहीं। वे झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी की स्थापना पर होटल बीएनआर चाणक्या में आयोजित कॉनक्लेव में बोल रहे थे।

कार्यक्रम में उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे केवल ज्ञान प्रदाता ही नहीं, बल्कि मार्गदर्शक और राष्ट्रनिर्माता की भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रख्यात शिक्षाविद् पी. कंडास्वामी ने अपने उद्बोधन में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली और तकनीक से जोड़ने पर बल दिया।

उन्होंने जेएसएफडीए की ओर से अल्प समय में जेंडर सेंसिटाइजेशन, मानसिक शांति, भाषाई विकास एवं लेखन कौशल जैसे विषयों पर आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम्स (FDP) की सराहना करते हुए इनके विस्तार की आवश्यकता जताई।

साथ ही उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप सक्षम बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, उद्योग विशेषज्ञ, राज्य के राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव, नीति-निर्माता तथा विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षकगण शामिल हुए। साथ ही JSFDA के ज्ञान साझेदार संस्थानों के प्रतिनिधियों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।