
नयी दिल्ली: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने सरकार पर वामपंथी उग्रवाद के संबंध में सोमवार को संसद में चर्चा का इस्तेमाल कम्युनिस्ट आंदोलन को निशाना बनाने के लिए करने का आरोप लगाया।
भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘संसद में वामपंथी उग्रवाद पर हुई चर्चा, जैसा कि अनुमान था, मोदी सरकार के लिए भारत में पूरे कम्युनिस्ट आंदोलन को नकारात्मक रूप में पेश करने का अवसर बन गई।’’
