
नयी दिल्ली: कोल इंडिया की इकाई साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) का उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में 5.26 प्रतिशत बढ़ा। इस दौरान कोयले की आपूर्ति की मात्रा (ऑफटेक) में वृद्धि, बढ़ती ऊर्जा मांग के बीच स्थिर प्रगति का संकेत देती है।
एसईसीएल ने बुधवार को बयान में कहा, 2025-26 में कुल कोयला उत्पादन 17.62 करोड़ टन (एमटी) रहा, जो 2024-25 के 16.74 करोड़ टन की तुलना में 5.26 प्रतिशत अधिक है। वहीं खदानों से 36.43 करोड़ घन मीटर ‘ओवरबर्डन’ हटाने के साथ एसईसीएल ने अब तक का सर्वाधिक ओबीआर हासिल किया। कोयला जमीन के काफी नीचे होता है। कोयले की परत तक पहुंचने के लिए उसके ऊपर जो मिट्टी, पत्थर, रेत या चट्टानें होती हैं उन्हें ‘ओवरबर्डन’ कहा जाता है।
बयान में कहा गया, ‘‘ साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने 2025-26 में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है और वह कोल इंडिया लिमिटेड की एकमात्र ऐसी अनुषंगी कंपनी बनकर उभरी है जिसने तीनों प्रमुख प्रदर्शन मानकों कोयला उत्पादन, ‘ऑफटेक’ और ‘ओवरबर्डन’ हटाने (ओबीआर) में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है।’’
एसईसीएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक हरीश दुहान ने कहा कि अनेक परिचालन और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद कंपनी के कर्मचारियों ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया जिससे उत्पादन, ‘ऑफटेक’ और ‘ओवरबर्डन’ हटाने में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित हुई। उन्होंने कहा, ‘‘ 2025-26 में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की यह उपलब्धि प्रत्येक कर्मचारी के समर्पण, कड़ी मेहनत और ‘टीम’ भावना का परिणाम है।’’
