झारखंड में 10 साल से नहीं हुई JTET परीक्षा! सुदेश महतो ने हेमंत सोरेन को लिखा पत्र, दांव पर युवाओं का भविष्य

सुदेश महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर JTET परीक्षा जल्द कराने की मांग की, वर्षों से लंबित परीक्षा से अभ्यर्थियों और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर असर बताया।

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रांची: आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य में जल्द झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा कराने की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीति और नियमों की कमी के कारण शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया लंबे समय से अटकी हुई है। इसका असर लाखों अभ्यर्थियों पर पड़ रहा है, जो मानसिक दबाव और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि झारखंड हाईकोर्ट ने 31 मार्च 2026 तक परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया था, लेकिन तय समयसीमा के भीतर परीक्षा नहीं हो सकी। आजसू प्रमुख ने इसे युवाओं के भविष्य और राज्य की शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर मुद्दा बताया।

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद देरी, सरकार पर सवाल

अपने पत्र में सुदेश महतो ने कहा कि हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद सरकार JTET आयोजित कराने में नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार हो रही देरी से युवाओं का भरोसा कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि राज्य की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का अहम आधार है। परीक्षा में देरी का सीधा असर स्कूलों में खाली पदों और पढ़ाई की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।

करीब 10 साल से नहीं हुई परीक्षा, बढ़ी बेचैनी

आजसू अध्यक्ष ने अपने पत्र में बताया कि वर्ष 2016 के बाद से राज्य में JTET का आयोजन ही नहीं हुआ है। इस वजह से B.Ed और D.El.Ed डिग्रीधारी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन के अवसर से वंचित रह गए हैं। उन्होंने इसे अवसर की समानता के अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि इतने लंबे समय तक परीक्षा न होना युवाओं के साथ अन्याय है। इससे न केवल शिक्षक भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

उम्र सीमा पर संकट, पारदर्शी नीति की मांग

सुदेश महतो ने यह भी चिंता जताई कि हर साल परीक्षा टलने से कई अभ्यर्थी आयु सीमा पार करते जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि जल्द से जल्द पारदर्शी नियमावली तैयार कर JTET परीक्षा आयोजित कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में लंबित नियुक्तियों, खाली पदों और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को भी तय समय सीमा में पूरा करने की मांग उठाई है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।